चीन के बाद श्रीलंका की संसद में भी बुर्के पर प्रतिबंध लगाने की तैयारी शुरू

– इस्लामिक आतंकवादी हमलों के मद्देनजर संसदीय समिति ने यह बिल पेश किया है।

नई दिल्ली।

दुनिया भर में इस्लामिक आतंकवाद का चेहरा बने बुर्के पर चीन के बाद श्रीलंका ने भी प्रतिबंध लगाने का फैसला कर लिया है।

श्रीलंका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गठित संसदीय समिति ने तत्काल प्रभाव से बुर्का पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है।

समिति ने धार्मिक और जातीय आधार पर राजनीतिक पार्टियों के पंजीकरण पर भी रद्द करने का प्रस्ताव पेश किया है। समिति की तरफ से यह फैसला ईस्टर आतंकी हमले के मद्देनजर उठाया गया है।

गौरतलब है कि गत वर्ष हुए आतंकी हमले में ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी।

गुरुवार को श्रीलंका की संसद में पेश किए गए प्रस्ताव में हमलों के बाद 14 विवादास्पद मुद्दों के हल करने की बात कही गई है।

रिपोर्ट के अनुसार कई देश पहले ही बुर्के पर प्रतिबंध लगा चुके हैं, इसमें सुझाव दिया गया है कि पुलिस के पास ही अधिकार होना चाहिए कि वे सार्वजनिक स्थानों पर किसी व्यक्ति को पहचानने के लिए उसे चेहरा दिखाने के लिए कह सके।

रिपोर्ट में कहा गया कि अगर व्यक्ति पुलिस के अनुरोध पर अमल नहीं करता है तो उसे बिना वारंट गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

प्रस्ताव में देश के चुनाव आयोग से जाति और धर्म पर आधारित राजनीतिक दलों के पंजीकरण को निलंबित करने के लिए एक कानून बनाने की सिफारिश की गई है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मदरसों में पढ़ने वाले सभी छात्रों को 3 साल के भीतर शिक्षा मंत्रालय के तहत सामान्य स्कूल प्रणाली में भेजा जाना चाहिए।

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प्रस्ताव से संबंधित रिपोर्ट में मुस्लिम धार्मिक सांस्कृतिक विभाग के तहत नियमित करने के लिए विशेष समिति गठित करने का भी प्रस्ताव है।

आतंकवादी नेशनल तौहीद जमात के 9 आत्मघाती हमलावरों ने तीन गिरजाघरों और तीन आलीशान होटलों को निशाना बनाया था, जिसमें 11 भारतीयों समेत 258 लोगों की मौत हो गई थी।

गौरतलब है कि चीन में मुसलमानों पर बुर्का पहनने पर प्रतिबंध लगा रखा है। वहां पर लंबी दाढ़ी रखने पर भी कई मुस्लिमों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है।

उल्लेखनीय है कि दुनिया भर में बुर्के से जितने भी आतंकवादी हमले हुए हैं, उनमें सभी मामलों में मुस्लिम महिलाएं और मुस्लिम पुरुष सामने आए हैं।