पाकिस्तान का निर्धारित विकास दर हासिल कर पाना मुश्किल

पाकिस्तान का निर्धारित विकास दर हासिल कर पाना मुश्किल

Karachi

पाकिस्तान स्टेट बैंक (एसबीपी) ने अपनी तिमाही आर्थिक रिपोर्ट में कहा है कि देश में महंगाई सात साल के चरम स्तर पर है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि देश ने चार फीसदी विकास दर (जीडीपी) को जो लक्ष्य निर्धारित किया है, उसे हासिल कर पाना मौजूदा हालात में मुश्किल लग रहा है।

एसबीपी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि अर्थव्यवस्था में स्थायित्व आया है और देश का चालू खाता घाटा कम होकर अब आधा रह गया है। लेकिन, कृषि और विनिर्माण उद्योग में सुस्ती बनी हुई है। खरीफ की पैदावार निर्धारित लक्ष्य से 20 फीसदी तक कम रह सकती है। उपभोग की वस्तुएं बनाने वाले क्षेत्र में भी सुस्ती बनी हुई है। ऐसे में यह मुश्किल लग रहा है कि मौजूदा वित्तीय वर्ष में चार फीसदी जीडीपी के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।

एसबीपी ने अपनी रिपोर्ट में आर्थिक सुधारों की तरफ संकेत करते हुए सरकार पर जोर दिया है कि वह आर्थिक विकास की गति को बढ़ाने के लिए ढांचागत समायोजन की खामियों पर ध्यान केंद्रित करे।

बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चालू खाते में कमी तो आई है लेकिन इसका मजबूत आधार बनना अभी बाकी है। चालू खाते के घाटे में कमी देश के आयात में कमी के कारण आई है। इसमें निर्यात के बढ़ने का जो योगदान होना चाहिए था, उसमें अभी बहुत बड़ी कमी देखी जा रही है।

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