भारत के पड़ोसी देश नेपाल में सरकार भंग, मध्यावधि चुनाव की घोषणा

Mid Term Elections in Nepal
Mid Term Elections in Nepal

नई दिल्ली। नेपाल में मध्यावधि चुनाव (Mid Term Elections in Nepal) का ऐलान कर दिया गया है। सरकारी घोषणा के मुताबिक 12 नवंबर व 19 नवंबर 2021 को ही नेपाल में संसदीय चुनाव होंगे। राष्ट्रपति कार्यालय के अनुसार राष्ट्रपति बिदया देवी ने प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्षी नेता शेर बहादुर देउबा और पीएम केपी शर्मा ओली दोनों के दावे खारिज कर दिये हैं।

नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने विपक्ष को झटका दिया गया है। राष्ट्रपति विद्या देवी ने नेपाल की संसद को भंग कर मध्यावधि चुनाव के लिए नई तारीखों की घोषणा कर दी। इसके मुताबिक 12 नवंबर और 19 नवंबर को नेपाल में प्रतिनिधि सभा, यानी निचले सदन के लिए संसदीय चुनाव होंगे। राष्ट्रपति भंडारी की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री पद के लिए विपक्ष के नेता शेर बहादुर देउबा और केपी शर्मा ओली दोनों के दावों को खारिज कर दिया है।

नई सरकार के लिए शुक्रवार को हुई थी बैठक
नेपाल के विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को पद से हटाने और मौजूदा राजनीतिक संकट को सुलझाने के लिए आगे की रणनीति तय करने के लिहाज से शुक्रवार को बैठक की थी। ओली ने संसद में अपनी सरकार का बहुमत साबित करने के लिए एक और बार शक्ति परीक्षण से गुजरने में अनिच्छा व्यक्त की है।

ओली को 30 दिनों में साबित करना था बहुमत
एक दिन पहले ही नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने देश के राजनीतिक दलों से नयी सरकार बनाने का दावा पेश करने को कहा था। राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री ओली की सिफारिश पर राजनीतिक दलों के नई सरकार बनाने के लिए शुक्रवार शाम 5 बजे तक की समय-सीमा तय की थी। राष्ट्रपति कार्यालय की ओर से गुरुवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार सरकार ने नई सरकार बनाने का रास्ता साफ करने का फैसला किया है। ओली को प्रधानमंत्री बने रहने के लिए 30 दिन के अंदर बहुमत साबित करना था।

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