commander sidharth arti sing

नई दिल्ली।

आतंकियों द्वारा 14 फरवरी को कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ (CRPF) के काफिले (Convoy) पर हमले के बाद पिछले मंगलवार को अलसुबह भारतीय वायुसेना के 12 मिराज (Mirage-2000) फाइटर प्लेनों द्वारा पाक के बालाकोट में घुसकर भयंकर बमबारी की जोरदार कार्रवाई की गई।

उसके बदले पाकिस्तान की ओर से बीते बुधवार को 24 F-16 विमानों द्वारा किए गए हमलों का जवाब देने के दौरान अपने MIG-21 के साथ पाक सीमा में पहुंचे विंग कमाउंडर (wing commander) अभिनंदन वर्धमान का अभिनंदन करने में उसी दिन शहीद हुए वीर सपूत विंग कमांडर सिद्धार्थ वशिष्ठ, विक्रांत सहरावत और उनके 4 अन्य शहीद साथियों को देश लोगों और मीडिया ने एक तरह से भुला बैठे।

आपको बता दें कि विंग कमांडर शहीद सिद्धार्थ वशिष्ठ और विक्रांत सहरावत के अंतिम संस्कार के वक्त शहीद सिद्धार्थ वशिष्ठ की पत्नी, जो कि स्क्वाड्रन लीडर हैं वायुसेना की वर्दी में अपने पति को अंतिम सलामी दी। यह भी जान लें कि शहीद सिद्धार्थ तीन बहनों के अकेले भाई थे।

भुला बैठा भारतीय मीडिया भी

जब देश का एक सपूत वापस वतन वापसी कर रहा था, उसी दिन जम्मू कश्मीर के बडगाम में हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हुए सिद्धार्थ, विक्रांत सहरावत और उनके 4 अन्य साथियों का भी अंतिम संस्कार किया जा रहा था, लेकिन देर रात लौटे अभिनंदन के स्वागत में देश ऐसा पागल हुआ कि अपने दूसरे शहीद सपूत को भुला बैठा।

इस घटना को केवल भारतीय जनता ही नहीं भूली, बल्कि जनता को जगाने का दम भरने वाले लोकतंत्र के सजग प्रहरी कहलाने वाले इंडियन मीडिया ने भी भुला दिया। टीवी पर पूरे दिन अभिनंदन को दिखाया, लेकिन एक बार भी सिद्धार्थ जैसे सपूतों का जिक्र नहीं किया। यह तकरीबन सभी मीडिया घरानों की हालत थी।

केरल बाढ़ का टॉप कमांडर थे सिद्धार्थ

आपको बताते चलें कि जो विंग कमांडर सिद्धार्थ वशिष्ठ हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हुए थे, वह केरल में आई भयानक बाढ़ के हीरो रह चुके हैं। तब उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए उस भयानक बाढ़ में फंसे कई नागरिकों की जान बचाई थी।