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-भाजपा में अध्यक्ष बदलने का भी बढ़ेगा दबाव, रेस में सतीश पूनिया और राजेंद्र राठौड़ सबसे बड़े दावेदार

जयपुर।

राजस्थान में भाजपा सत्ता से बेदखल हो गई है। सत्ता से बाहर होने के बाद मुख्यमंत्री ने जहां अपना इस्तीफा दे दिया, वहीं कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री की रेस शुरू हो चुकी है।

दूसरी ओर भाजपा में भी अब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के नाम को लेकर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। पूरी संभावना है कि 15वीं विधानसभा का पहला सत्र शुरू होने से पहले पार्टी सदन में अपना नेता चुन लेगी।

इसके साथ ही भाजपा में सत्ता से बाहर होने के बाद प्रदेशाध्यक्ष बदलने की भी बड़ी संभावनाएं बन गई हैं। करीब 10 माह पहले हुए उपचुनाव के बाद राज्य में पार्टी के अध्यक्ष को बदल दिया गया था।

तब अध्यक्ष अशोक परनामी थे, जिनको इस्तीफा देना पड़ा था। हालांकि, पार्टी ने किसी तरह का दबाव नहीं दिखाने के लिए थोड़े समय बाद परनामी का इस्तीफा लिया था।

नेता प्रतिपक्ष भी ऐसे व्यक्ति को सौंपा जाएगा, जो सरकार के साथ विधानसभा में बराबर उपस्थित रहकर लड़ सकें।

भाजपा सूत्रों के अनुसार इस रेस में पंचायती राजमंत्री रहे राजेंद्र राठौड़ सबसे प्रबल दावेदार हैं। उनके साथ दूसरा नंबर पहली बार विधायक बने सतीश पूनिया का बताया जा रहा है।

इन दोनों नेताओं को संगठन में काम करने का भी लंबा अनुभव रहा है। जानकारों का कहना है कि सतीश पूनिया को संगठन की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है, या गजेंद्र सिंह शेखावत को भी यह ताज पहनाया जा सकता है।

राज्य में करीब 5 माह बाद लोकसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी अनुभवी और मजबूत नेता को दी जाएगी।