ashok gehlot hanuman beniwal
ashok gehlot hanuman beniwal

नागौर
राष्ट्रीय लोकतंत्रिक पार्टी और भाजपा के संयुक्त उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल की तरीफ करने वालों में प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी शामिल हो गए हैं। उन्होंने बेनीवाल के न झुकने की प्रवृत्ति का बखान करते हुए कहा कि वो अमित शाह के झांसे में आ गए हैं, नहीं तो हमारी सरकार में मंत्री बनते।

खुद गहलोत ने नागौर में ज्योति मिर्धा की सभा में यह बातें कही। गहलोत ने कहा ‘आपके ज्योति मिर्धा के साथ राजनीतिक संबंध अच्छे बनने चाहिए, पुरानी बातें भूलो और नया अध्याय शुरू करो, लेकिन आप जानते ही हो हनुमान बेनीवाल समझ सकते हैं क्या?

‘अगर समझते तो उनका भविष्य उज्जवल होता, हमारी सरकार में आ सकते थे, मंत्री बन सकत थे।, जिस प्रकार का उनका नेचर है, आप जानते हो, वे नहीं मानें। मैंने तीन बार उनको समझाने का प्रयत्न किया। आखिर में वो अमित शाह और उनकी टीम के झांसे मे आ गए। अब बेनीवाल जिंदगीभर पछताएंगे।

एक तरह से बेनीवाल के लिए धमकी भरे लहजे में अशोक गहलोत ने ज्योति मिर्धा की सभा में जो बातें कहीं, उसके बाद बेनीवाल समर्थकों में जोश और रोष है, तो कहा यह भी जा रहा है कि गहलोत ने एक तरह ऐसी बातें कहकर ज्योति मिर्धा का वोट काटने का ही काम किया है।

इसके जवाब में बेनीवाल ने ट्वीट कर कहा कि ‘आज अशोक गहलोत ने समझौते करने की अपनी नसीहत को सार्वजनिक रूप से स्वीकारा। मेरी समझौता न करने की प्रकृति को भी वर्णित किया, पर ये बताने में नाकाम रहे कि नागौर की जनता पर पर्यटक रूपी प्रत्याशी ज्योति ​मिर्धा किस समझौते के तहत थौपी?

यह नागौर की वह धरती, जहां पर पंचायत तंत्र का आगाज हुआ था। वह धरती, जहां पर मिर्धा परिवार के सहारे कांग्रेस की राजनीति परवान चढ़ी थी। यही धरती मंगलवार को कांग्रेस के बड़े नेताओं के ​लिए सभागार बनी।

यहां पर सीएम अशोक गहलोत,​ डिप्टी सीएम सचिन पायलट, हरियाणा के पूर्व सीएम दीपेंद्र सिंह हुड्डा, रघु शर्मा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल, महेंद्र चौधरी, रामनिवास गावडिया, मंजू मेघवाल, मुकेश भाकर, चेतन डूडी समेत अनैक कांग्रेसी नेता मौजूद रहे।

कांग्रेस पार्टी की ज्योति मिर्धा लगातार तीसरी बार और एनडीए के उम्मीदवार हनुमान बेनीवाल यहां पर दूसरी आमने—सामने हैं। पिछले चुनाव में भी हनुमान बेनीवाल ने निर्दलीय के तौर पर चुनाव लड़ा था। ज्योति मिर्धा हार गईं थीं, और भाजपा के प्रत्याशी सीआर चौधरी सांसद बने थे।