Jaipur

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को इस बात का डर है कि सोशल मीडिया पर व्हाट्सएप और फेसबुक जैसी कंपनियां पेमेंट सेवा उपभोक्ताओं की बैंक से संबंधित समस्त जानकारी अपने समूह की कंपनी फेसबुक और इंस्टाग्राम को दे सकता है।

स्पेशल वीडियो देखने के लिए यहां पर क्लिक करें

केंद्र सरकार को डर है कि देश के उपभोक्ताओं की निजता और सुरक्षा को इससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है।

केंद्र सरकार ने नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया, यानी एनपीसीआई से कहा है कि जो भी जानकारी पेमेंट सेवा प्रदाता व्हाट्सएप गूगल पर के पास हैं वह समस्त जानकारी किसी और के साझा न करें, इस बात के पूरे प्रयास किए जाएं।

आपको बता दें कि केंद्र सरकार पर्सनल डाटा प्रोटक्शन बिल के तहत उपभोक्ताओं के डाटा को सुरक्षित रखना चाहती है।

केंद्र सरकार के एक उच्च अधिकारी के मुताबिक एक कंपनी द्वारा इकट्ठा किए गए डेटा दो कंपनियों को दिया जाता है तो यह उपभोक्ताओं की निजता और सुरक्षा का खुले तौर पर हनन है।

उल्लेखनीय है कि देश में साइबर क्राइम तेजी से बढ़ता जा रहा है जिसके तहत लोगों के द्वारा ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद उनका डाटा चोरी हो रहा है, उसी डाटा से कुछ अपराधियों द्वारा बैंक से पैसा निकालने का काम किया जा रहा है।

जिसके लिए सरकार के पास अभी पूरी तरह से विकसित तंत्र स्थापित नहीं है। इसके कारण देश में कई उपभोक्ता साइबर क्राइम का शिकार हो रहे हैं।