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जयपुर/भोपाल/रायपुर।

राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, मिजोरम और तेलंगाना में मतदान के बाद आज आए परिणाम ने साफ कर दिया है कि देश में मतदाताओं की नज़र कोई भी पार्टी लंबे समय तक राज करने के लिए काबिल नहीं है।

2 अप्रैल को दलित समाज द्वारा भारत बंद करने और उसके बाद 10 अप्रैल को स्वर्ण समाज द्वारा भारत बंद करने के बाद किसी को भी इस बात का अंदाजा नहीं था कि भारतीय जनता पार्टी को इसका परिणाम किस तरह चुकाना होगा।

15 साल से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी का शासन रहा। मध्य प्रदेश में बीते साल किसान आंदोलन के द्वारा दौरान मारे गए 7 किसानों की मौत को भाजपा को बहुमत नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है।

राजस्थान में हालांकि कांग्रेस पार्टी बड़े बहुमत से नहीं जीत पाई है, लेकिन भाजपा की हार दलित समाज का गुस्सा और स्वर्ण समाज के अपमान का प्रतीक बनकर उभरा है।

छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण जिस उद्देश्य से हुआ था, उसमें भारतीय जनता पार्टी 15 साल तक शासन करने के बाद भी सफल नहीं हो पाई। जिसके परिणामस्वरुप आज आए परिणाम में कांग्रेस पार्टी 90 में से 66 सीटें जीतकर बहुमत के साथ सत्ता में आई है।

मिजोरम में हार के साथ ही कांग्रेस पार्टी का पूर्वी भारत में सूरज पूरी तरह अस्त हो चुका है। तेलंगाना में टीआरएस ने एक बार फिर से प्रचंड बहुमत हासिल करते हुए चंद्रशेखर राव सत्ता में रिपीट हो रहे हैं।