Hanuman beniwal with ramgopal jat
Hanuman beniwal with ramgopal jat

जयपुर। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के संयोजक और खींवसर से तीन बार विधायक बने हनुमान बेनीवाल ने बीते 6 माह के भीतर अपने कहे अनुसार 2 बार दो बड़े नेताओं को जमीन सुंघा चुके हैं।

दिसंबर में हुए विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा—कांग्रेस से दूरी बनाकर खुद की पार्टी बनाई और चुनाव से केवल 20 दिन पहले चुनाव प्रचार शुरू किया।

पार्टी का गठन किया और विधानसभा चुनाव में 57 उम्मीदवार मैदान में उतारे। इसके बाद हैलिकोप्टर से आधे से ज्यादा राज्य में धुंआधार प्रचार किया और 3 विधायक भी जिताने में कामयाब भी हुए।

लेकिन जिस बात को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है, वह यह है कि उन्होंने दो बड़े नेताओं को बड़ी हार दिलाने में कामयाब रहे हैं। हनुमान बेनीवाल ने विधानसभा चुनाव से पहले जनता से वादा किया था कि वसुंधरा राजे को उखाड़ फैंक देंगे, ऐसा उन्होंने किया भी।

राजस्थान में 163 सीटों से 2013 में प्रचंड़ सरकार बनाने वाली वसुंधरा राजे को सत्ता से बाहर होना पड़ा। उनके नेतृत्व में भाजपा महज 73 सीटों पर सिमट गई, वो भी तब, जब आरएसएस ने भाजपा को रोकने का प्रयास किया। पार्टी को 90 सीटों पर हार का मुंह देखना पड़ा।

हालांकि, इसका फायदा कांग्रेस को मिला और सचिन पायलट की अगुवाई में कांग्रेस ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की। कम से कम 20 सीटों पर बेनीवाल ने जहां भाजपा को नुकसान पहुंचाया, वहीं कांग्रेस को भी बड़ा बहुमत प्राप्त करने से रोक दिया।

चुनाव में रालोपा के हनुमान बेनीवाल ने कहा था कि मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को तो सत्ता से बाहर करेंगे ही, साथ ही कांग्रेस को भी बहुमत पाने से रोक देंगे। चुनाव परिणाम में हुआ भी वही।

इसके बाद लोकसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल को भाजपा ने अपने साथ लिया। हालांकि, उनकी राजनीतिक ताकत का अहसास कर कांग्रेस ने और खुद अशोक गहलोत ने तीन—तीन बार बेनीवाल को मनाने का प्रयास किया, लेकिन राष्ट्रवाद के मुद्दे पर उन्होंने भाजपा को चुना।

इसके साथ ही बेनीवाल ने एलान कर दिया कि देश में जहां पूर्ण बहुमत से मोदी की सरकार बनाएंगे, वहीं राजस्थान में कांग्रेस को सभी 25 लोकसभा सीटों पर चित्त कर देंगे, हुआ भी वही।

इस तरह से देखा जाए तो दिसंबर से लेकर अब तक, महज 6 माह के भीतर ही हनुमान बेनीवाल ने अपना करिश्मा दो बार दोहरा दिया। इसके बाद बेनीवाल का कद तो बढ़ेगा ही, साथ ही 2023 में विधानसभा चुनाव में भी उनका बड़ा रोल होने वाला है।

नागौर के खींवसर से दिसंबर में विधायक बने और ​अब महज पांच माह में ही नागौर से सांसद बन चुके हैं। निश्चित तौर पर केंद्र सरकार में उनकी कोई न कोई भूमिका जरूर होगी।