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-डॉ. निशा शर्मा, जिनको राष्ट्रपति-राज्यपाल से सम्मानित किया है, उनका वीडियो वायरल, लेटर भी लिखा। आफत में नवलगढ़ विधायक राजकुमार शर्मा

जयपुर। कांग्रेस के नवलगढ़ से प्रत्याशी और वर्तमान विधायक राजकुमार शर्मा पर शारीरिक और मानसिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए जिंदगी तबाह करने का एक पीड़ित का वीडियो वायरल हुआ है।

वीडियो के साथ पीड़ित ने कहा है कि वह नेट, जेआरएफ और पीएचडी होल्डर हैं। उनका खुद ब्राह्मण समाज ने होनहार होने पर सम्मान किया है, लेकिन कांग्रेस विधायक राजकुमार शर्मा ने उनकी जिंदगी नरक कर दी है।

एक वीडियो जारी और लेटर लिखकर डॉ. निशा शर्मा ने अपनी पहचान का पूरी तरह से उजागर करते हुए जनता से अपील की है कि अहंकारी और दंभी विधायक हो हराकर उसके साथ न्याय करे। पीड़िता के द्वारा लिखा गया पत्र—

Video: राजकुमार शर्मा ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी...करियर तबाह कर दिया...विधायक पर गंभीर आरोप- 1

इतना ही नहीं डॉ. निशा शर्मा ने कहा है कि राजकुमार शर्मा शादीशुदा होने, उसके दो संतान, जिनमें एक बेटी होने के बाद भी उसकी जिंदगी नरक बना दी है। निशा ने कहा है कि उसका दोष इतना ही है कि राजकुमार शर्मा को वह पसंद है। डॉ. निशा ने रोते हुए लोगों से उसका साथ देने की अपील की है। देखिए वीडियो—

वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसके साथ ही कथित तौर पर डॉ. निशा शर्मा के हाथ से लिखा हुआ लेटर भी वायरल हो रहा है, जिसमें भी निशा ने अपने आरोप दोहराए हैं। यह लिखा है लेटर—

Video: राजकुमार शर्मा ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी...करियर तबाह कर दिया...विधायक पर गंभीर आरोप- 2

गौरतलब है कि राजकुमार शर्मा लगातार दो बार विधायक बन चुके हैं, जिसमें एक बार बीएसपी और इस दूसरी बार निर्दलीय चुने गए थे। शर्मा इस बार वह कांग्रेस पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। अभी इस मामले में कांग्रेस-भाजपा की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

पीड़िता वीडियो और अपने लेटर में कह रहीं हैं कि उसका इतना ही कसूर है कि वह राजकुमार शर्मा को पसंद है। निशा ने समाज से भी सवाल किया कि आखिर उसका क्या कसूर है?

इतना ही नहीं पत्र में पीड़िता ने लिखा है कि राजकुमार शर्मा ने उसकी राजनीतिक और पैसे की रसूख का इस्तेमाल करते हुए उसको फेल करवा दिया है, अब उसकी कहीं पर जॉब नहीं लगने दे रहा है।

पीड़िता ने कहा है कि राजकुमार शर्मा ने निर्लज्जता की सारी हदें पार कर दी हैं, इसलिए वह अब जीवनभर ब्रह्मचारी रहेंगी और सन्यास लेने की घोषणा करती हैं। लेटर में लिखा है कि वह एक दिसंबर से रामसापीर मंदिर के बाहर आमरण अनशन पर बैठेंगी।