rajasthan university open copies
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जयपुर।
आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह से राजस्थान विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त कॉलेज संचालक पैसे लेकर पास—फेल का खेल खेलते हैं।

हम सबूतों के साथ, वीडियो के साथ बताएंगे कि किस तरह से कॉलेज वाले कॉपियां बदलकर स्टूडेंटस को पास और फेल करने का घिनोना काम करते हैं। video-

मजेदार बात यह है कि इस सारे खेल में लिप्त होने और उसके सबूत देने के बाद भी कॉलेज वाले को शर्म ही नहीं है।

तमाम सबूतों और शिकायतों के बाद भी विवि के कर्मचारी और परीक्षा नियंत्रक ऐसी नींद में हैं कि यूनिवर्सिटी कैम्पस के अंदर कॉपियां बदलने का खेल खेला जाता है, लेकिन ऐसी आरोपित कॉलेज के खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाता है।

दोस्तों यह वीडियो हमारे सहयोगी ने खुद बनाया है, जिसकी ओरिजनल कॉपी भी हमारे पास है।

इसकी एक कोपी यूजीसी को भी भेजी जा रही है। विवि के कुलपति को भी भेजी जा रही है।

यह है चौमू के आइडियल कॉलेज का असली चेहरा। आइडियल कॉलेज के पास विवि के द्वारा अलॉट किया गया परीक्षा केंद्र है।

जहां से कॉपियां पैक कर भेजी जाती हैं, ऐसा कर्मचारी बताते हैं, सच क्या है, यह कॉलेज संचालक जानें।

कॉलेज की तरफ से कॉपियां विवि में जमा करवाने के लिए भेजी गईं।

यहां गोपनीय शाखा में विवि के कर्मचारियों ने कॉपियां ठीक से बांधी हुई नही होने की बात कहकर वापस भेज दी। कर्मचारियों ने कहा कि दुबारा से पीले बैग में बांधकर लाएं।

इसके बाद कॉलेज के कर्मचारियों ने विवि के भीतर ही खुलेआम कॉपियों को खोला और उनको दुबारा से बांधने का काम किया, लेकिन इस खोलने—बांधने में कर्मचारियों ने सारी गोपनियता ताक में रख दी। इस सारी प्रक्रिया को हमारे सहयोगी ने कैमरे में कैद कर लिया।

बताया तो यहां तक जाता है कि कॉलेजों के कर्मचारी रास्ते में ही कॉपियां खोलकर बदलने का काम भी करते हैं। यह इस बात का नमूना भी है।

इस प्रकरण को लेकर जब हमने आइडियल कॉलेज के संचालक भूपेंद्र यादव से बात की, तो उन्होंने कुछ भी कहने से इनकार कर​ दिया।

लगातार दो दिन तक यादव का बयान लेने के लिए फोन किया, लेकिन वह हमसे मिलकर बयान दर्ज करवाने की बात कहकर टालते रहे।

इधर, विवि के परीक्षा नियंत्रक से संपर्क करने का प्रयास किया, किंतु उनका फोन कभी बंद, कभी आउट ओफ रीच और कभी रिसीव नहीं किया गया है।

अब आप समझ सकते हैं कि विवि और कॉलेज छात्र—छात्राओं की सालभर की मेहनत को कितनी सतर्कता और गोपनियता से रखने का काम करते हैं।

बहरहाल, इस मामले में विवि और यूजीसी के द्वारा आइडियल कॉलेज के खिलाफ उचित एक्शन लिए जाने का इंतजार है।