जयपुर।
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सतीश पूनिया ने सोमवार को विधानसभा में जल को लेकर जारी बहस के दौरान कहा कि सदियों से पानी को लेकर भारत सजग रहा है, किंतु हमारे ही द्वारा कुछ कमियां रखने के कारण पानी सीमित हो गया।

आमेर विधायक सतीश पूनिया ने सदन में अपने पूर्व वक्ताओं के बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि सदन में इस बात की सार्थक चर्चा अच्छा समाधान दे सकती है। उन्होंने सदन के सदस्यों की चर्चा को मौजूदा सरकार द्वारा ठीक से लागू करने का भी आव्हान किया।

उन्होंने कहा कि पिछले 20 साल के दौरान बरसात कम होती चली गई और हमारे परंपरागत जल स्रोत भी सूख्ते चले गये। भाजपा के सदस्यता अभियान के प्रदेश प्रभारी पूनिया ने कहा कि इसके साथ ही जल स्रोतों पर अतिक्रमण, अवरोध और देखभाल नहीं होने के कारण तालाब, बावड़ी, बांध सूखते चले गये।

सतीश पूनिया ने जलशक्ति मंत्रालय का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलशक्ति मंत्रालय के द्वारा जलशक्ति के साथ जनशक्ति का आव्हान किया गया है, ताकि पानी का ठीक से संरक्षण हो, उसका दोहन रुके और जल के संचय को बढ़ावा दिया जा सके। पूनिया ने सदन के सदस्यों से जनचेतना की जरूरत को भी इंगित किया।

उन्होंने जल के लिये राजनीतिक चेतना की कड़ी और बड़ी जरूरत बताई। सतीश पूनिया ने शुद्ध पानी की बात करते हए कहा कि जल भले ही कुछ मात्रा में मिल जाये, किंतु शुद्ध जल मिलना बहुत मश्किल है, और ऐसे पानी के लिए बचाव ही उपाय है। प्रबंधन नहीं होने और गर्मी के कारण नई सरकार ठीक से जलापूर्पि करने में नाकाम साबित हुई और जनता को त्राहिमाम त्राहिमाम करवा दिया गया। इसके लिए चेतना का जागृत होना चाहिए।

सतीश पूनिया ने कहा कि बजरी बंद होने पर डस्ट का उपयोग बढ़ा और उसके कारण जल दोहन बढ़ा है, यह चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राज्य के जलापूर्ति मंत्री ने भी पिछले दिनों दिल्ली में केंद्र सरकार से बात की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह सरकार पूर्वी नहर परियोजना को आगे बढ़ाने का काम करेगी। यह पिछली सरकार के द्वारा शुरू की गई थी।

भाजपा सरकार द्वारा शुरू की गई जल स्वावलंबन योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इस योजना के कारण 13 हजार से ज्यादा गांवों में न केवल जल संरक्षण किया गया, बल्कि इन गांवों में जल स्तर भी बढ़ा है। उन्होंने कहा कि इस योजना को जारी रखना चाहिए, क्योंकि इससे पानी बचेगा।

सतीश पूनिया ने कहा कि यमूना और बांड़ी नदी को रामगढ़ बांध से जोड़कर उनका पानी ए​कत्रित किया जा सकता है, यह जयपुर के लिए वरदान साबित हो सकता है। अपने क्षेत्र की बात करते हुए उन्होंने कहा कि आमेर विधानसभा क्षेत्र को भी बीसलपुर से जोड़ा जाना चाहिए।