water tanker in jaipur
water tanker in jaipur

जयपुर।
गर्मी शुरू होने के साथ ही शहर में पीने के पानी की किल्लत भी हो गई है। जहां पर पानी नहीं पहुंच रहा है, वहां पर टैंकरों से सप्लाई किया जाता है।

पीएचईडी ने इसके लिए निजी टैंकर किराए पर ले रखे हैं। लेकिन इस सप्लाई के कार्य में बड़ा घालमेल हो रहा है।

पीएचईडी सूत्रों के दावे के बाद हमने इसकी हकिकत जानने का प्रयास किया तो सामने आया कि जिनके हाथों शहर की पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी है, वही रात के वक्त पानी को बेचने का काम कर रहे हैं।

इसके लिए कर्मचारियों ने खुद के टैंकर लगा रखे हैं, जो होटलों में पानी बेच रहे हैं। रात को होने वाले इस खेल कई कर्मचारी, अधिकारी और ठेकेदार लिप्त बताए जा रहे हैं।

यहां इलाकों में बेच रहे हैं पानी
सिविल लाइन जलदाय कार्यालय के अधीन आने वाली हसनपुरा जलदाय विभाग की चौकी में आधा दर्जन से ज्यादा पानी के टैंकर पानी पहुंचाने के काम में लगे हुए हैं।

टैंकरो के जरिये रेलवे स्टेशन के पास, गोपालबाड़ी, बड़ोदिया बस्ती, पोलोविक्ट्री, हाथी बाबू का बाग, सिंधी कैम्प आदि इलाको में स्तिथ छोटी बड़ी होटलों में सरकारी पानी पहुंचाया जा रहा है।

अधिकारी नींद में हैं और यह निजी टैंकर चालक रात में जलदाय विभाग की चौकी से पानी चोरी छिपे होटलों में पहुंचा रहे हैं।

कर्मचारियों खुद के टैंकर, ठेकेदार से मिलकर खेल

‘नेशनल दुनिया’ की टीम ने लगातार दो रात तक इसका जायदा लिया और पाया कि विभाग के ज्योति नगर एक्सईएन कार्यालय के अधीन हसनपुरा चौकी में कार्यरत पम्प आॅपरेटर ही अपने बेटे-परिवार समेत रिस्तेदारों के नाम से तीन-चार टैंकर लगा रखे हैं।

पानी भरने का पाइप का मुंह बाहर
अधिकारियों के अनुसार रात को सभी टैंकर ताले में बंद होते हैं।

किंतु जिस पाइप के द्वारा टैंकरों में पानी भरा जाता है, वह चारदीवारी से बाहर ही खुलता है। ऐसे में कर्मचारियों के निजी टैंकर पानी भरकर रात के समय होटलों में सप्लाई करने का काम करते हैं।

इनका कहना है-
सात टैंकर हैं, जिनको मैं खुद रात को ताले में बंद कर आता हूं, यह बात गलत है।
विशाल सक्सैना, एईएन, हसनपुरा चौकी