CWC meeting gujrat
CWC meeting Gujrat Sonia, Rahul, manmohan

Jaipur news.

कांग्रेस पार्टी के द्वारा 10 सीटों पर सिंगल नाम तय कर दिए गए हैं, इनमें सबसे चौंकाने वाला नाम है मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बेटे वैभव गहलोत का, जिनको जोधपुर लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया जाने की संभावना है।

जबकि विधानसभा चुनाव में बीजेपी का दामन छोड़ कर कांग्रेस में आए पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेंद्र सिंह को बाड़मेर जैसलमेर सीट से उतारा जा सकता है।

लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की पहली सूची होली से पहले जारी होने की संभावना है। राजस्थान कांग्रेस के सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में हुई स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में करीब 10 सीटों पर सिंगल नाम पर सहमति बन गई है।

बची हुई सीटों पर नाम 2 या 3 दिन में केंद्रीय चुनाव समिति को भेजे जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक कल कांग्रेस के केंद्रीय संगठन महामंत्री के सी वेणुगोपाल के घर पर हुई।

बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट, प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे के साथ चारों से प्रभारी मौजूद रहे।

सूत्रों की मानें तो करीब 10 सीटों पर एक नाम पर सहमति बन चुकी है। अशोक गहलोत के बेटे वैभव को जोधपुर से उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

हालांकि, पहले नाम जालौर-सिरोही सीट पर ले जा रहा था, लेकिन सूत्रों के मुताबिक जोधपुर से चुनाव लड़ाने पर सहमति बनी है। जालौर-सिरोही से रतन देवासी को उम्मीदवार बनाया जा सकता है।

सूत्रों का दावा है कि जिन सीटों पर सिंगल नाम पर सहमति बनी है, उनमें चूरू से इरशाद मंडेलिया पाली से बद्री जाखड़, भरतपुर से रतन सिंह, नागौर से ज्योति मिर्धा, उदयपुर सिरोही मीणा शामिल हैं।

झालावाड़ से प्रदेश मंत्री प्रमोद जैन भाया की पत्नी उर्मिला जैन, अजमेर से पूर्व मंत्री बीना काक के दामाद राजू झुनझुनवाला को उम्मीदवार बनाए जाने की संभावना है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री भाजपा नेता जसवंत सिंह के पुत्र मानवेंद्र सिंह बाड़मेर-जैसलमेर सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की सहमति बनी है। सूत्र बताते है कि हालांकि, गहलोत सरकार में कैबिनेट मंत्री हरीश चौधरी बाड़मेर-जैसलमेर सीट पर उम्मीदवार बनने के लिए भरकस प्रयास में है।

सूत्रों का दावा है कि जयपुर की शहर और ग्रामीण दोनों ही सीटों पर अभी तक सहमति नहीं बनी है। जयपुर शहर और ग्रामीण दावेदारों की तादात और कुछ बड़े नेताओं की वजह से आम सहमति नहीं बन पाई, जिसके चलते इसको पहली लिस्ट में शामिल नहीं किया जा रहा है।

जयपुर शहर में महेश जोशी, प्रताप सिंह खाचरियावास, बृजकिशोर शर्मा, राजीव अरोड़ा, पुष्पेंद्र शर्मा, राजपाल शर्मा, सुशील शर्मा, सुरेश मिश्रा समेत दो दर्जन दावेदारों के नाम चर्चा में है।

दूसरी तरफ जयपुर ग्रामीण सीट पर भी पूर्व केंद्रीय मंत्री लालचंद कटारिया, प्रदेश में दिग्गज मंत्री विश्वेन्द्र सिंह की पत्नी दिव्या सिंह, प्रशांत शर्मा, मनीष यादव, नवीन यादव समेत कई दावेदार मैदान में उतरने को आतुर हैं।

विधायकों और मंत्रियों की बात करें तो कांग्रेस के सूत्रों के अनुसार नई रणनीति के तहत पार्टी कुछ विधायक और मंत्रियों को भी लोकसभा चुनाव के लिए मैदान में उतार सकती है।

पार्टी मिशन 25 का लक्ष्य लेकर चल रही है और जिन सीटों पर जिताऊ उम्मीदवार मिलेंगे, वहां जरूरत पड़ने पर मौजूदा मंत्रियों और विधायकों को भी मैदान में उतारा जा सकता है।

इन सीटों पर बन चुकी है सहमति

1.सीकर से सुभाष महरिया/विक्रम सिंह आर्य
2. अलवर से जितेंद्र सिंह
3. टोंक-सवाईमाधोपुर से नमोनारायण मीणा
4. उदयपुर से रघुवीर मीणा
5. डूंगरपुर-बांसवाड़ा से ताराचंद भगोरा
5. नागौर से ज्योति मिर्धा
6. श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ से भरत मेघवाल
7. राजसमन्द से लक्ष्मण रावत/देवकीनंदन काका
8. चितौड़गढ़ से गोपाल सिंह ईडवा
9. चूरू से नरेंद्र बुडानिया/सुचित्रा आर्य
10. झुंझुनूं से राजबाला ओला/डॉ चंद्रभान
11. जयपुर देहात से जगरूप सिंह यादव/दिव्या सिंह
12. बाड़मेर से हरीश चौधरी/मानवेन्द्र सिंह
13. करौली-धौलपुर से लखीराम/खिलाड़ी बैरवा
14. भरतपुर से रतन सिंह/किशन सिंह अटोरिया
15. बीकानेर से सरिता चौहान/बनारसी मेघवाल16. जोधपुर से वैभव गहलोत

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