यूपी पुलिस ने एप्पल के एरिया मैनेजर को गोली मारी, गाड़ी चढ़ाने का किया था प्रयास 

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary
लखनऊ।

 

लखनऊ की एक घटना ने यूपी पुलिस को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। इस घटना ने उत्तर प्रदेश सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। लखनऊ के गोमती नगर इलाके में एक एक्सयूवी में सवार एपल कंपनी के एरिया मैनेजर विवेक तिवाड़ी की पुलिसवाले ने गोली मार कर हत्या कर दी।

हादसे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दुखद बताते हुए कहा कि ये कोई एनकाउंटर नहीं है, यदि जरूरत हुई तो इस मामले की सीबीआई से जांच भी कराई जाएगी। योगी आदित्यनाथ में उत्तर प्रदेश पुलिस का बचाव नहीं किया है, और कहा है कि यह घटना बहुत निंदनीय है।

सूबे के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि यह घटना दुखद है, वहां गोली चलाई जहां हक नहीं था। सिंह ने कहा कि नाकेबंदी करके गिरफ्तारी की जा सकती थी। इस मामले में पुलिस के कांस्टेबल का कोई विचार नहीं किया जाएगा, कानून अपना काम करेगा। उन्होंने कहा कि कानून का दुरुपयोग करने वाले किसी मुगालते में ना रहें।

बताया जा रहा है कि मृतक मैनेजर विवेक तिवाड़ी अपनी सहकर्मी सना के साथ अपनी एसयूवी कार में जा रहा था। उसने अपनी पत्नी कल्पना को फोन करके बताया था कि सना को घर छोड़कर आएगा। गोमती नगर में उसको यूपी पुलिस का कांस्टेबल प्रशांत चौधरी मिला। उसने गाड़ी रोकने का प्रयास किया, लेकिन मृतक ने गाड़ी रोकने के बजाय उस पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास किया।
 
इससे गुस्साए पुलिसकर्मी ने अपनी रिवॉल्वर से एरिया मैनेजर को गोली मार दी। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने सहकर्मी सना से एरिया मैनेजर का पता पूछने का प्रयास किया, लेकिन वह इतनी घबराई हुई थी कि उसने कुछ नहीं बता सकी। डीजीपी ने बताया कि एक सॉफ्टवेयर के माध्यम से उसके घर का पता जाना और उसके परिजनों को सूचना दी।
 
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि इस जरूरी हुए तो मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी जाएगी। आरोपी कांस्टेबल को गिरफ्तार कर लिया गया है।
मृतक की पत्नी कल्पना ने कहा है कि ऐसा कौन सा कानून है उत्तर प्रदेश में, जो किसी व्यक्ति को सीधी गोली मार दी जाती है। यदि उसका पति महिला के साथ अवैध संबंधों में था, तो गाड़ी का नंबर पता करके आरटीओ से उसका एड्रेस पता किया जाना चाहिए था, लेकिन गोली क्यों मारी गई?