-राजनीतिक द्वेषता के आधार पर किये जा रहे शिक्षकों के स्थानान्तरण

राजस्थान के शिक्षा विभाग में इन दिनों तबादलों का दौर जोरों पर है। ऐसे ऐसे लोगों का तबादला कर दिया गया है जो कैंसर से जूझ रहे हैं।

पूर्व शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी ने कांग्रेस सरकार द्वारा स्कूली शिक्षकों के स्थानान्तरण प्रक्रिया की घोर निंदा करते हुये कहा कि इस स्थानान्तरण प्रक्रिया के कारण आमजन में तीव्र आक्रोश है।

एक तरफ जहां सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थी स्कूलों में तालाबंदी और जगह-जगह पर धरना प्रदर्शन कर रहे है, वहीं पूर्व शिक्षा मंत्री ने शिक्षक स्थानान्तरण की प्रक्रिया पर प्रहार करते हुये कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा लगातार स्कूली शिक्षकों के स्थानान्तरण राजनीतिक द्वेष के कारण किये जा रहें है।

देवनानी ने बयान जारी कर कहा कि कांग्रेस सरकार की इस दुर्भावनापूर्ण नीति के कारण सभी अभिवावकों में आक्रोश उमड़ रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में अराजकता का वातावरण उत्पन हो रहा है। स्कूलों के चलते सत्र के बीच में शिक्षकों के तबादले से बच्चों का शैक्षणिक भविष्य खराब हो रहा है।

देवनानी ने बताया कि भाजपा सरकार के प्रयत्नों से स्कूल शिक्षा में हम 26वें नम्बर से दूसरे नम्बर पर आ चुके थे।

लेकिन अब कांग्रेस सरकार की कुनीतियों के कारण राजस्थान में स्कूल शिक्षा का वातावरण खराब व दूषित होता जा रहा है और यह सरकार पूरे भारत में दूसरा प्राप्त कर चुकी हमारी स्कूली शिक्षा नीति को पलीता लगाने में लगी हुई है।

देवनानी ने कहा कि स्थानान्तरण को केवल अपना उद्योग समझने वाली इस कांग्रेस सरकार ने कोई उचित दिशा निर्देशों की नीति बनाकर प्रक्रिया को पूरा करने की जगह राजस्थान की जनता को पीड़ा पहुंचाने का ही काम किया है और कैंसर पीड़ितों, परित्यक्ताओं, विधवाओं के स्थानान्तरण अपने निवास से 400-500 कि.मी. दूर कर दिये है।

ऐसे भी उदाहरण है जिसमें रिटार्यमेंट से एक दिन पहले शिक्षक का स्थानान्तरण कर दिया है। देवनानी ने कहा कि जनता ही इनको सबक सिखायेगी।