-ट्रैक्टर चालक भजन लाल हत्याकांड में आंदोलन जारी: दो दिन से विधायक अनशन पर, पांच दिन से एम्बूलेंस में डीप फ्रिज में सुरक्षित पड़ा है शव, पूर्व कृषिमंत्री, विधायक-पूर्व विधायक सहित कई नेता पहुंचे धरना स्थल पर
टोंक।

जिले के नगरफोर्ट कस्बे में अस्पताल में ट्रैक्टर चालक भजन लाल हत्याकांड का मामलें रविवार को पांच दिन भी मांगे नहीं माने जाने पर अनिश्चितकालीन आंदोलन जारी रहा और मृतक का शव पांच दिन से एम्बूलेंस में डीप फ्रिज में सुरक्षित पड़ा है।

पूर्व पुलिस प्रमुख एवं देवली उनियारा विधायक हरीश चंद्र मीणा व जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा दो दिन से अनशन पर बैठे हुए है और उनका अनशन जारी रहा।

रविवार को धरना स्थल पर पूर्व कृषिमंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता, बसपा विधायक लाखनसिंह मीणा, सवाईमाधोपुर विधायक दानिश अबरार सहित कई कांग्रेस व भाजपा नेताओं ने पहंच कर समर्थन दिया।

पूर्व कृषिमंत्री प्रभुलाल सैनी, पूर्व विधायक अजीत सिंह मेहता, बसपा विधायक लाखनसिंह मीणा, सवाईमाधोपुर विधायक दानिश अबरार ने इस मौके पर कहा कि गरीब परिवार को न्याय मिलना चाहिए और इसमें राजनीति नही होनी चाहिए।

धरने पर देवली उनियारा विधायक हरीश चंद्र मीणा व जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा का आमरण अनशन के दौरान मेडिकल टीम ने मेडिकल चेकअप किया गया। इस दौरान बसपा से करौली विधायक लाखन मीणा ने कहा कि गरीब मृतक टेक्टर चालक भाई हरभजन मीना की उनियारा पुलिस द्वारा निर्मय हत्या किये हुए 5 दिन हो गये हैं।

पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए देवली उनियारा विधायक हरीश चंद मीना एवं जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीना 5 दिन से आमरण अनशन पर बैठे हुए है। दोनों विधायक का स्वास्थ्य दिनों दिन बिगड़ता जा रहा है।

जिससे किसी भी तरह की अनहोनी होने की संभावना से जनता का आक्रोश सरकार एवं प्रशासन के प्रति निरन्तर बढ़ रहा है।

पीडि़त परिवार को किसी तरह का न्याय नही मिलने से कल से राजस्थान के प्रत्येक जिले तहसील शहर में शांतिपूर्ण तरीके से बाजार बंद कराके पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने में सर्व समाज के लोग एवं व्यापारी वर्ग अधिक से अधिक सहयोग प्रदान करे।

मांगों अडिग आंदोलनकारी, सभी घोषणाएं हो

आंदोलन स्थल पर
नगरफोर्ट अस्पताल के बाहर मृतक हरभजन के शव को एंबुलेंस में रखकर पांच सूत्रीय मांगों को लेकर पांचवे दिन भी अनशन जारी है।

देवली-उनियारा के क्षेत्रीय विधायक हरीशचंद्र मीणा एवं जहाजपुर विधायक गोपीचंद मीणा आमरण अनशन पर है और पीडि़त परिवार की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर राज्य सरकार से मांग है कि सभी पांचों मांगो की घोषणा सरकार व जिला प्रशासन द्वारा धरना-आमरण अनशन स्थल पर हो।

मांगो को एक साथ मानने पर अडिग हैं। जहां पर हजारों समर्थक महिला-पुरूष आंदोलनकारी भी जमे हुए है।

इधर प्रशासन व पुलिस के अधिकारियों व जवानों ने भी डेरा डाल रखा है। धरने पर सवाई माधोपुर विधायक दानिश अबरार भी पहुंचे और मृतक के पीडि़त परिवार को न्याय दिलाने के लिए नगरफोर्ट धरना अनशन स्थल पर बैठेे।

पांचवे दिन नगरफोर्ट धरना स्थल पर रविवार को सुबह से अनशन में पूर्व जिला प्रमुख टोंक कल्ली देवी मीणा, सेवानिवृत्त कस्टम कलेक्टर श्योजीराम मीणा, कांग्रेस नेता सुरेन्द्र सिंह राणावत, कांग्रेस जिला महासचिव परशुराम मीणा, कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष उनियारा एडवोकेट एम. लईक खान, ब्लॉक उपाध्यक्ष एड. जितेन्द्र दाधीच,

देवली पंचायत समिति के पूर्व प्रधान जगदीश चौधरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पदम अजमेरा, बंथली सरपंच रामस्वरूप जाट, सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष हरकचंद गोलेछा, पंचायत समिति अलीगढ़ के उपप्रधान नंदकिशोर साहू,

बोसरिया सरपंच रामेश्वर चांगल, खेलनिया पंचायत के पूर्व सरपंच भजनलाल मीणा, कांग्रेस के पूर्व उनियारा ब्लाक अध्यक्ष काशीराम चौधरी, कांग्रेस नेता अख्तर हुमायूं रिजवी,

यूथ कांग्रेस लोकसभा महासचिव चंद्रमोहन शर्मा सहित सैकड़ों राजनीतिक व सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए और अनशन स्थल नगरफोर्ट पर धीरे धीरे ग्रामीण व सर्व समाज के लोग भारी तादाद में पंहुच रहे है।

कलेक्टर-एसपी ने कवरेज से मना किया मीडिया को

मृतक के पीडि़त परिवार की ओर से पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रतिनिधि मंडल ने जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक सहित जिला प्रशासन से वार्तालाप के दौरान मीडियाकर्मियों को कवरेज करते ही जिला कलेक्टर एवं एसपी ने मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से रोका और अभद्र व्यवहार तक किया।

वार्तालाप का मीडिया कर्मियों को कवरेज करने से जिला कलेक्टर आर.सी. ढेनवाल एवं जिला पुलिस अधीक्षक चुनाराम जाट ने मना तक कर दिया।

अस्पताल बना अखाड़ा

जिला प्रशासन की ओर से जिला कलेक्टर आर.सी.ढेनवाल एवं पुलिस अधीक्षक चूनाराम जाट के अलावा पुलिसकर्मियों ने नगरफोर्ट अस्पताल को अखाड़ा भी बना रखा है और यहां पर अस्पताल की प्रक्रिया प्रभावित हो रही है।

मरीजों को हो रही है भारी परेशानी…..

नगरफोर्ट कस्बे के अस्पताल में जहां 100 से 125 मरीज प्रतिदिन आया करते थे, लेकिन अस्पताल परिसर में डॉक्टर के चेंबर सहित सभी कमरों व हाल में जिला प्रशासन का निवास व जमावड़ा होने से मात्र 5 से 10 मरीज ही रोज के आ रहे हैं।

क्योंकि अस्पताल परिसर में जिला प्रशासन के आला अधिकारी व पुलिस ही पुलिस नजर आती है, इसलिए डर के मारे मरीज भी नहीं आ पा रहे हैं।