डॉ. बताते हैं दिल की बीमारी से बचना है तो ऐसे करें उपाय—

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

– एक्सपर्ट्स से जानें हेल्दी हार्ट टिप्स

जयपुर। बदलती जीवनशैली, तनाव और भागमभाग जिंदगी में दिल से जुड़ी बीमारियों में बढ़ोत्तरी होती जा रही है। युवाओं में धूम्रपान, तंबाकू सेवन इत्यादि हार्ट प्रोबलम का बड़ा कारण बन रहा है।

वहीं, उम्र बढ़ने के साथ-साथ उच्च रक्तचाप, डायबिटीज आदि दिल की बीमारी की प्रमुख वजह बन रही है। दिल हमारे पूरे शरीर को स्वस्थ रखने के लिए निरंतर धड़कता है, तो हमें भी इसका ख्याल रखना जरूरी है।

लाइफ स्टाइल में थोड़ा बदलाव, वॉकिंग व छोटी-छोटी बातों को ध्यान में रखकर आप अपने दिल को हेल्दी रख सकते हैं। वैसे दिल की बीमारियों से बचाव के लिए कई नई डिवाइस व उपकरण भी आ रहे हैं, जो दिल का ख्याल रखने में मददगार साबित हो सकेंगे।

वर्ल्ड हार्ट-डे के मौके पर हृदय रोगों के कारण, बचाव, उपचार की नई तकनीक और सामाजिक जागरुकता आदि पर हमने नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के प्रमुख हृदय रोग विशेषज्ञों से बातचीत की। साथ ही जाना कि वे व्यस्त समय के बावजूद किस तरह अपने दिल का ध्यान रखते हैं।

वर्किंग टाइम में रखता हूं दिल का ख्याल : डॉ. श्रीमाल

नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के सीनियर कार्डियालॉजिस्ट डॉ. देवेंद्र कुमार श्रीमाल ने बताया कि, काम के दौरान ही अपने दिल को हेल्दी रखने की कोशिश करता हूं।

कार को पार्किंग में दूर खड़ा करना, जिससे ज्यादा पैदल चलाना हो सके, लिफ्ट का इस्तेमाल न करना, ज्यादा से ज्यादा वॉकिंग करने जैसी गतिविधियां कर लेता हूं। इसके अलावा ऑयली फूड से पूरी तरह परहेज रखता हूं और तनाव रहित रहता हूं।

स्मोकिंग, बीपी हार्ट अटैक का बड़ा कारण –

हार्ट अटैक के मामले बढ़ने के प्रमुख कारण की बात करने पर डॉ. श्रीमाल बताते हैं कि, युवाओं में हार्ट डिजीज और हार्ट अटैक के पीछे बड़ा कारण स्मोकिंग हैं।

उन्होंने बताया कि, 40 वर्ष से कम उम्र के मरीजों में हार्ट अटैक आने का 90 प्रतिशत कारण स्मोकिंग या तंबाकू चबाना है। वहीं बुजुर्गों में बीपी, डायबिटीज और कोलेस्ट्रोल बढ़ना हार्ट अटैक का सबसे बड़ा कारण है। पश्चिमी देशों के मुकाबले हमारे देश में 5 से 10 वर्ष पहले ही हार्ट अटैक के केस होने लगे हैं।

20 की उम्र के बाद कोलेस्ट्रॅाल जांच जरूर कराएं –

हार्ट अटैक में गोल्डन पीरियड का विशेष महत्व है। डॉ. श्रीमाल ने कहा कि आमजन को जानना जरूरी है कि हार्ट अटैक से होने वाली मृत्यु के 50 प्रतिशत केस अटैक के एक घंटे यानि गोल्डन पीरियड के भीतर ही हो जाते हैं।

यदि इस दौरान मरीज को अस्पताल ले जाया जाए तो उसे बचाया जा सकता है। इसके अलावा दिल की बीमारियों से बचाव के लिए 20 वर्ष के बाद कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराते रहना चाहिए।

40 वर्ष तक हर पांच साल में यह टेस्ट कराना चाहिए और 40 के बाद एक या दो साल में इसकी जांच होनी चाहिए।

दवाओं के साथ डिवाइस का नया ट्रेंड –

डॉ. देवेंद्र ने बताया कि जिन मरीजों को असामान्य धड़कन की शिकायत है, ब्रेन हेमरेज हो चुका है या होने की संभावना हो, उन मरीजों को खून पतला करने की दवाईयां नहीं दी जा सकती।

ऐसे मरीजों के लिए वॉचमेन डिवाइस जैसी नवीनतम तकनीकें आ रही हैं जो काफी लाभदायक सिद्ध होंगी, जिससे मरीजों को खून पतला करने की दवाईयों से भी निजात मिल सकेगा।

पूरी नींद और मेडिटेशन से रखता हूं हेल्दी हार्ट : डॉ. निखिल

नारायणा मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के इंटरवेंशनल कार्डियालॉजिस्ट डॉ. निखिल चौधरी ने बताया कि, हेल्दी हार्ट के लिए भरपूर नींद लेना भी जरूरी है। रोज कम से कम 8 घंटे नींद लेता हूं।

इसके अलावा दिल को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी फिजिकल एक्टिविटी करता हूं, तनाव से दूर रहने के लिए स्पिरिच्युअल हेल्थ पर ध्यान देता हूं। इसके लिए मेडिटेशन सबसे अच्छ जरिया है।

डिप्रेशन बन रहा है ह्रदय रोग का बड़ा कारण

वर्तमान में भागमभाग जिंदगी में डिप्रेशन हार्ट डिजीज का बड़ा कारण बनता जा रहा है। डॉ. निखिल बताते हैं कि, डिप्रेशन हार्ट अटैक का एक छुपा हुआ रिस्क फैक्टर है, जो काफी प्रभावी है।

हमें सामाजिक जीवन में डिप्रेशन के दुष्प्रभावों को समझते हुए झिझक व हिचकिचाहट छोड़ कर विशेषज्ञ डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए।

सामाजिक जागरुकता व सहयोग से हम डिप्रेशन जैसी समस्या को खत्म कर सकते हैं। जिंदगी को संयमित व संतुलित रख कर तनाव रहित जीवन जिया जा सकता है।

दिल के लिए संकल्प लें

डॉ. निखिल ने बताया कि यदि आप अपने दिल के बारे में सोचकर एक संकल्प के साथ दिन की शुरूआत करें तो पूरे दिन कई ऐसी गतिविधियां कर सकेंगे जो आपके दिल के लिए लाभदायक रहेंगी। सकारात्मक विचारधारा के साथ दिल की अच्छी सेहत के बारे में विचार करें।

भविष्य में स्मार्टफोन होंगे हार्ट के केयर टेकर

डॉ. निखिल बताते हैं कि अब स्मार्ट फोन कंपनियां हेल्थ को ध्यान में रखते हुए ऐसे डिवाइस बना रही है जो हार्ट के लिए काफी फायदेमंद साबित होंगे।

ऐसी स्मार्टवॉच आने लगी हैं जो ईसीजी समेत अन्य गतिविधियों का रिकॉर्ड रखेंगी और उसमें कुछ भी गड़बड़ होने पर आपको उस बारे में सचेत भी करेगी। भविष्य में स्मार्ट कपड़े भी इजाद किए जा सकते हैं जो शरीर की गतिविधियों पर नजर रखेंगे।