सर्वण वर्ग में वंचित वर्ग को वाहिनी 14 प्रतिशत आरक्षण देगी

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जयपुर।

कांग्रेस पार्टी ने जहां ‘जन घोषणा पत्र’ के नाम से अपना घोषणा पत्र जारी किया, वहीं भारत वाहिनी पार्टी ने भी अपना ‘दृष्टि पत्र’ जारी किया।

वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष एवं सांगानेर विधायक घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि भारत वाहिनी पार्टी राजस्थान में सत्ता में आयेगी या भागीदार बनेगी तो अनारक्षितों में ब्राह्मण, वैश्य, राजपूत, कायस्थ व अन्य पिछड़ा वर्ग के मुसलमानों में वंचित वर्ग को 14 प्रतिशत आरक्षण देगी।

उन्होंने कहा कि यह हमारी पार्टी की प्रथम प्राथमिकता होगी तथा इसी मुद्दे को लेकर ही हम चुनाव में मैदान में है।

भाजपा एवं कांग्रेस, दोनों ही पार्टियों ने आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग को छला है। अत: अबकि बार उनके छलावे में न आकर भारत वाहिनी के प्रत्याशियों को मतदान करें।

तिवाड़ी ने कहा कि दृष्टि पत्र लीक से हटकर है जो कि जनभावनाओं के अनुसार केवल मतदाता सूची को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि जनगणना सूची को ध्यान में रखकर बनाया गया है।

वाहिनी के दृष्टि-पत्र को घनश्याम तिवाड़ी ने दृष्टि-पत्र निर्माण समिति के अध्यक्ष लोकश कुमार शेखावत, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री अशोक यादव, प्रदेश संगठन महामंत्री दयाराम महरिया की उपस्थिति में जारी किया।

वाहिनी के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि राजस्थान में पेय एवं सिंचाई जल का अभाव है। इस कमी का स्थाई समाधान निकालने के लिये वाहिनी ने ‘वरूण कुम्भम’ जैसी दूरदृष्टिपूर्ण योजना बनाई है।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में उर्जा स्वाधीनता महाभियान के द्वारा सौर उर्जा से विद्युत उत्पादन करने की विकेंद्रीकृत योजना है। युवा एवं छात्र कल्याण के लिये सरकारी पदों में आवश्यकता एवं मानदंडानुसार बढ़ोतरी की जायेगी।

वाहिनी की वरूण कुम्भम योजना, सौर उर्जा आदी कार्यों से रोजगार के अनेक अवसर सर्जित किये जायेंगे।

घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि कर्ज मुक्त किसान एवं भविष्य का समाधान करते हुए वर्तमान कर्ज से मुक्त कर खेती मजदूरी को मनरेगा से जोड़ा जायेगा तथा सौर उर्जा के माध्यम से बिजली उपलब्ध करवाई जायेगी।

उन्होंने कहा कि शिक्षा एक चेतनाभूत नियंत्रित गत्यात्मक प्रक्रिया है। अध्यात्म व विज्ञान में समन्वय कर ऐसी शिक्षा दी जायेगी जो विद्यार्थियों को आंख (अंतदृर्ष्टि) व पांख (तकनीकि योग्यता) दे जो उनके जीवन व जीविका में काम आये।

तिवाड़ी ने कहा कि सांस्कृतिक नवजागरण कर ‘आपणी धरती आपणा लोग’ परियोजना के माध्यम से इतिहास का पुनर्लेखन किया जायेगा।

उन्होंने कहा कि लोकसेवकों का सम्मान एवं डीपीसी प्रथा को बंद कर विभागिय स्क्रीनिंग के माध्यम से समयबद्ध पदोन्नति सुनिश्चित की जायेगी।

महिला सशक्तिकरण, गो संरक्षण एवं संवर्धन के कार्य किये जायेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानान्तरण में डिजायर प्रथा को बंद किया जायेगा।