जयपुर।

सरकारी नौकरी नहीं लगने के कारण अवसाद में आए चार मित्रों ने ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। उससे पहले चारों ने अपने अपने परिजनों से बात की और ट्रेन की पटरी पर बैठकर सिगरेट पी, मटरगश्ती की।

जिंदा रहे प्रत्यक्षदर्शियों, जिनमें एक अभी भी घायल है। जयपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती अभिषेक ट्रैन के आगे कूदने के बाद उछल गया और दूर जाकर गिर गया।

सुसाइड का प्रयास नहीं करने वाले मनोज ने बताया कि उसको सत्यनारायण उर्फ डूटी ने उसको फोन करके बुलाया था। उन्होंने बताया कि वहां गया तो सभी सिगरेट पी रहे थे। दोस्तों ने बताया कि सभी बोले हम मरेंगे, तुम्हें मरना है तो आ जाओ।

इसके बाद सभी ने सिगरेट पीते हुए अपने अपने घरवालों से आखिरी बार बात करने को कहा। सबने दूर जाकर घरवालों को फोन किया।

इतने में अभिषेक बोला: मरने का समय आ गया है। दो मिनट में जयपुर-चंड़ीगढ़ एक्सप्रेस आई और चीथड़े उड़ाकर चली गई।

घरवालों से बात कर ट्रैन के आगे कूद गए 4 दोस्त, 3 की मौत, एक घायल- 1

मनोज ने बताया कि वह कुछ समझ नहीं पाया। वह कमरे की तरफ भागा और उनके भाइयों को फोन किया। कुछ लोगों ने मदद की और सभी के शवों के चीथड़े समेटकर अस्पताल ले गए।

घायल का जहां जयपुर इलाज चल रहा है, वहीं बाकी तीनों का दाह संस्कार कर दिया गया है। लेकिन 3 छात्रों की इस सुसाइड ने प्रदेशभर को हिलाकर रख दिया।

सवाल यह है कि ऐसे क्या हालत पैदा हो रहे हैं कि छात्रों को सरकारी नौकरी की अंधाधुंध आस और सामाजिक दबाव के चलते अवसादग्रस्त अवस्था ने इन 3 युवकों को आत्महत्या के लिए मजबूर कर दिया?

देश की जनसंख्या में बेतहाशा वृद्धि और उसके मुताबिक सरकारी नौकरी के अभाव के चलते तेज़ी से बढ़ती मारामारी ने युवाओं को आत्महत्या की ओर धकेल दिया है।

अधिक खबरों के लिए हमारी वेबसाइट www.nationaldunia.com पर विजिट करें। Facebook,Twitter पे फॉलो करें।