कांग्रेस को बहुमत मिला तो यह होंगे राजस्थान के मुख्यमंत्री-

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जयपुर।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के साथ ही कांग्रेस पार्टी को एग्जिट पोल में आगे दिखाना पार्टी में हलचल पैदा कर चुका है। एग्जिट पोल के बाद कांग्रेस पार्टी में मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर कवायद तेज हो गई है।

पार्टी की तरफ से अभी तक किसी भी नेता को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित नहीं किया गया है। 11 तारीख को आने वाले चुनाव परिणाम के बाद ही इस मामले को लेकर फैसला किया जाएगा।

इस बीच कांग्रेस पार्टी के जयपुर शहर अध्यक्ष प्रताप सिंह खाचरियावास ने आज एक बयान देकर मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है।

हालांकि, उनके बयान को लेकर खुद पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रताप सिंह खाचरियावास सही कह रहे हैं, राजस्थान में मुख्यमंत्री वही होगा जो राहुल गांधी चाहेंगे।

आज सुबह एक टीवी चैनल से बात करते हुए प्रताप सिंह खाचरियावास में कहा कि अशोक गहलोत कौन होते हैं? प्रताप सिंह खाचरियावास के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद कांग्रेसमें नई बहस शुरू हो गई।

राजस्थान में मुख्यमंत्री बनाने वाले या नहीं बनाने वाले बयान को लेकर उन्होंने कहा कि राजस्थान का कोई भी एक विधायक खड़ा होगा और मुख्यमंत्री बनाने की बात करेगा, यह गलत है, इसको स्वीकार नहीं करते।

प्रताप सिंह खाचरियावास के इस बयान के बाद राजस्थान कांग्रेस पार्टी ने एक बार फिर से 1998 और 2008 वाली स्थिति पैदा हो गई है, जब पार्टी में मुख्यमंत्री को लेकर कई दिन तक उठापटक चली थी।

गौरतलब है कि राजस्थान कांग्रेसमें मुख्यमंत्री की दावेदारी को लेकर पिछले 2 साल से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के बीच में शीत युद्ध चल रहा है।

पार्टी की तरफ से किसी को मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं किया गया, लेकिन चुनाव से पहले कांग्रेस के द्वारा प्रचार-प्रसार में जिन 5 लोगों को शामिल किया गया था उनमें राहुल गांधी, अशोक गहलोत, सचिन पायलट, रामेश्वर डूडी और प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे की फोटो हर विज्ञापन में नजर आ रही थी।

अशोक गहलोत जोड़ तोड़ के लिए नई दिल्ली पहुंच चुके हैं, जबकि सचिन पायलट के भी आज शाम तक नई दिल्ली जाने की चर्चा हो रही है। इधर, सीपी जोशी भी नई दिल्ली दौरे पर बताए जा रहे हैं।

अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर यदि विवाद उठता है तो ऐसी स्थिति में नेता प्रतिपक्ष रहे रामेश्वर लाल डूडी भी मुख्यमंत्री के लिए अपनी दावेदारी जता सकते हैं।

कांग्रे सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट और अशोक गहलोत के बीच बढ़ते हुए विवाद के बाद नेता प्रतिपक्ष रहे रामेश्वर लाल डूडी के भी मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी वाले विवाद में कूदने की संभावना है।

इधर पूर्व केंद्रीय मंत्री और नाथद्वारा से कांग्रेस के प्रत्याशी सीपी जोशी और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता गिरिजा व्यास भी मुख्यमंत्री को लेकर अपनी दावेदारी जता सकते हैं। बीडी कल्ला चुनाव जीतने के बाद अपने पत्ते खोलेंगे।

यदि कांग्रेस के इन 6 संभावित विधायकों में मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदारी जताई जाती है, तो ऐसी स्थिति में पार्टी के दो फाड़ होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, जिसका फायदा निश्चित रूप से बीजेपी को मिलेगा।

1998 से लेकर अब तक, 20 साल के दौरान कांग्रेस पार्टी समेत दोनों ही प्रमुख पार्टियों में किसान मुख्यमंत्री और जाट मुख्यमंत्री को लेकर आवाज उठ चुकी है। ऐसी स्थिति में रामेश्वर लाल डूडी का मुख्य मंत्री की दावेदारी में शामिल होना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा।

राजनीति के जानकारों का कहना है कि राजस्थान में जब अशोक गहलोत, सचिन पायलट को लेकर मुख्यमंत्री पद के लिए विचार किया जा सकता है, तो क्यों नहीं रामेश्वर डूडी को भी इस रेस में शामिल किया जाए।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कांग्रेस के टिकट बंटवारे से पहले मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर एक विवाद खड़ा हो गया था, जिसमें रामेश्वर डूडी ने खुद को शामिल करते हुए नंबर वन की रेस में शामिल होने कला जानने का दावा किया था।

आपको यह भी बता दें कि राजस्थान में 1998 के विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने वरिष्ठ नेता परसराम मदेरणा को मुख्यमंत्री पद के लिए किसान मुख्यमंत्री और जाट मुख्यमंत्री के तौर पर पेश किया था।

राजस्थान में कांग्रेस पार्टी सत्ता में आई थी। तब परसराम मदेरणा का नाम पीछे चला गया और सरदारपुरा से विधायक बने अशोक गहलोत मुख्यमंत्री चुने गए थे। तब से राजस्थान में जाट समाज कांग्रेस पार्टी से खुश नहीं है।

कांग्रेस पार्टी अगर ऐसी नाराजगी से निपटने की सोच रखती है, तो उसको रामेश्वर डूडी पर विचार करेगी। हालांकि, राज्य में बहुमत नहीं मिलने और जोड़तोड़ वाली हालत में खुद गहलोत भी रामेश्वर डूडी के लिए सहमत हो सकते हैं।

बहरहाल, राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की तरफ से आधा दर्जन नेता खुद को मुख्यमंत्री की उम्मीदवारी में शामिल करने को लेकर जुटे हुए हैं। इसका निर्णय 11 तारीख के बाद होने की संभावना है।