BJP का असली चेहरा उजागर: भाजपा ने इस तरह लड़ाया है जाति को जाति से

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-मानवेंद्र सिंह के कांग्रेस में शमिल होने पर मीडिया के सामने राव राजेंद्र सिंह को भेजा, हनुमान बेनीवाल और घनश्याम तिवाड़ी के लिए सीआर चौधरी और अरूण चतुर्वेदी को उतारा मैदान में

जयपुर। भारतीय जनता पार्टी का जातीय चेहरा सामने आ गया। पहली बार तब, जब बाड़मेर के शिव से पार्टी से बागी हुए विधायक मानवेंद्र सिंह द्वारा 17 अक्टूबर को कांग्रेस ज्वाइन करते वक्त और दूसरी बार सोमवार को, जब हनुमान बेनीवाल ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया।

दोनों ही बार बीजेपी की तरफ से जवाब दिलाया गया उन्हीं जातीयों के नेताओं से, जिनके नेताओं ने पार्टी के खिलाफ बगावत का बिगुल बजाया। इतना ही नहीं, यहां तक कि भाजपा ने क्षेत्रवाद का भी पूरा ध्यान रखा।

पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंत सिंह के बेटे द्वारा दिल्ली में 17 अक्टूबर 2018 को कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण करने के कुछ ही देर बाद भाजपा ने जयपुर में प्रेस कॉन्फ्रेंस रखी। जिसमें पहले राजेंद्र सिंह राठौड़ को ड्यूटी दी गई, किंतु उनके इनकार करने पर विधानसभा में उपाध्यक्ष राव राजेंद्र सिंह ने प्रेस वार्ता की।

सीधे तौर पर समझा जा सकता है कि राजपूत नेता की काट के लिए दूसरे राजपूत समाज से आने वाले नेता को मैदान में उतारा गया। पांच साल में यह पहला मौका था, जब राव राजेंद्र सिंह ने बीजेपी आॅफिस में प्रेस वार्ता की।

इसके बाद सोमवार को जब निर्दलीय विधायक हनुमान बेनीवाल ने नई पार्टी का गठन किया तो उनकी सियासी काट के लिए जाट समाज से आने वाले नागौर से बीजेपी सांसद और केंद्रीय मंत्री सीआर चौधरी को मैदान में उतार दिया।

बेनीवाल के साथ तीसरे मोर्चे का दम भरने वाले तिवाड़ी के शब्दबाणों का जवाब देने के लिए ब्राह्मण समाज से ताल्लुक रखने वाले अरूण चतुर्वेदी से लिखित बयान जारी करवाया गया। सीआर चौधरी द्वारा भी पांच साल में पहली बार ही इस तरह से बयान दिलाया गया है।