जयपुर।

‘Jaipur Royal Family’ (पूर्व राजपरिवार) में बीते कुछ दिनों से सबकुछ ठीक नहीं है। परिवार की एकमात्र लाडली के 24 साल पुराने फिल्मी लव का अंत होने जा रहा है।

दीया कुमारी और उनके पति नरेंद्र सिंह ने तलाक की अर्जी दाखिल की है। गांधी नगर स्थित परिवार न्यायालय में दी गई इस अर्ज़ी को लेकर दोनों ने संयुक्त बयान जारी कर इसको बेहद निजी करार दिया है।

कानून के जानकारों का कहना है कि सबकुछ ठीक रहा तो दोनों के बीच जल्द ही लीगल तौर पर तलाक हो जाएगा। जयपुर रॉयल फैमिली के इस प्रकरण ने राजस्थान ही नहीं, बल्कि पूरे देश के राजघरानों को हिलाकर रख दिया है।

बता दें कि दोनों का विवाह 1997 में हुआ था। हालांकि ऐसी चर्चा है कि इस रॉयल जोड़े का विवाह तो 1994 में ही हो गया था, लेकिन समगोत्र होने के कारण विवाह को उजागर करना जयपुर राजपरिवार के लिए गले की घन्टी बन गया था।

बाद में इस रिश्ते का समारोहपूर्वक खुलासा किया गया। नरेंद्र सिंह के बारे में जयपुर में कहा जाता है कि इनका परिवार शिवाड़ में रहता था, लेकिन इनके पिता जयपुर राजपरिवार के लिए ही काम करते थे।

नरेंद्र सिंह भी अपने पिता के साथ सिटी पैलेस में रहते थे। जयपुर के पुराने लोग बताते हैं यहां रहते हुए नरेंद्र सिंह सुरक्षा की दृष्टि से दीया कुमारी के साथ स्कूल-कॉलेज जाया करते थे। उसी दौरान इन दोनों में प्यार पनप गया।

जानकार कहते हैं दोनों ने भागकर शादी कर ली। जिसका पता चलने पर राजपरिवार में बड़ा विवाद हुआ। आखिर दीया कुमारी के पिता ब्रिगेडियर भवानी सिंह ने अपने लोगों से कहा कि जो भी इन दोनों का पता बताएगा, उसको अपनी कार गिफ्ट देंगे।

एक कर्मचारी ने दोनों का पता बता दिया, लेकिन उसने उपहार में कार लेने से इनकार कर दिया। भवानी सिंह ने कारण पूछा तो बोला कि वह इतनी महंगी कार का क्या करेगा, उसको तो इनाम में पैसे ही दे दो। लेकिन वचन के पक्के भवानी सिंह ने अपनी कार दे दी।

बाद में दोनों को राज परिवार में शामिल कर लिया गया और सब कुछ सामान्य हो गया। नरेंद्र सिंह भी राज परिवार का हिस्सा हो गए। दोनों प्रेमी प्रेमिका के तीन संताने पैदा हुई, जिनमें 2 लड़के और 1 लड़की हैं।

जयपुर, राजस्थान समेत देश के तमाम राजघरानों के यहां होने वाले शादी व अन्य समारोह में दीया कुमारी अपने पति नरेंद्र सिंह के साथ नजर आती रही हैं, लेकिन इस रिश्ते को लेकर बीते दो-तीन साल से कई तरह की बातें सुनने को मिल रही थी।

बताया जाता है कि नरेंद्र सिंह और दिया कुमारी के बीच बीते करीब दो ढाई साल से रिश्ता सामान्य नहीं है, लेकिन बीते दिनों विधानसभा चुनाव से बिल्कुल पहले सवाई माधोपुर से नरेंद्र सिंह के चुनाव लड़ने की चर्चा ने इस रिश्ते में और बड़ी दरार डाल दी।

2013 में सवाई माधोपुर से विधानसभा का चुनाव लड़ के विधायक बनीं। दीया कुमारी ने इस बार बीजेपी से टिकट नहीं लेकर केवल संगठन में सेवा करने का आग्रह किया।

लेकिन, उन्हीं दिनों सवाई माधोपुर से कुछ लोगों ने जयपुर में मुख्यमंत्री आवास के बाहर नारेबाजी कर दीया कुमारी को टिकट देने के लिए दबाव बनाया। बीजेपी सूत्रों का दावा है कि यह लोग नरेंद्र सिंह के द्वारा उकसाए जाने के कारण यहां आए थे।

कहा जा रहा है कि दीया कुमारी और नरेंद्र सिंह के रिश्ते के बीच पहले से ही चल रही खटास इस घटनाक्रम के बाद हमेशा हमेशा के लिए दूर होने का कारण बन गई। आखिरकार दोनों ने सहमति से तलाक लेने का निर्णय ले लिया।

बहरहाल, इसका कारण जो भी रहा हो, लेकिन ब्रिगेडियर भवानी सिंह और पद्मिनी देवी की इकलौती संतान दिया कुमारी निकट भविष्य में अपने पति से कानूनी रूप से अलग हो जाएंगी।

हालांकि, दीया कुमारी और नरेंद्र सिंह के द्वारा दिए गए संयुक्त बयान में कहा गया है कि यह निर्णय दोनों का है। दीया कुमारी ने बताया है कि वह बीजेपी में रहकर काम करेंगी। बीजेपी सूत्रों का दावा है कि दीया कुमारी को 2019 में जयपुर से लोकसभा का चुनाव लड़ाया जा सकता है।