Jaipur

राजस्थान विश्वविद्यालय में लगातार चौथे साल अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और एनएसयूआई से टिकट नहीं मिलने से बगावत कर प्रत्याशी बने उम्मीदवार ने जीत हासिल की है।

लगातार 8 साल तक राजस्थान विश्वविद्यालय में संघर्ष का दावा करने वाली निर्दलीय प्रत्याशी पूजा वर्मा ने एनएसयूआई के उत्तम चौधरी को 600 से अधिक मतों से करारी शिकस्त दी है।

इससे पहले 2018 में भी टिकट नहीं मिलने के कारण नाराज होकर उम्मीदवार बने विनोद जाखड़ ने यूपी के प्रत्याशी राजपाल चौधरी को शिकस्त दी थी।

इसी तरह से साल 2017 में एबीपी से बगावत करके उम्मीदवार बने पवन यादव ने भी एबीवीपी के ही अधिकारी पम्मी द्वार को हराने में कामयाबी हासिल की थी।

साल 2016 में बीपी बगावत कर प्रत्याशी बने अंकित धायल में एबीवीपी के ही अधिकारी पद उम्मीदवार को शिकस्त दी थी।

साल 2015 में एनएसयूआई को आखिरी बार जीत नसीब हुई थी जब संगठन के प्रत्याशी सतवीर चौधरी बीजेपी के उम्मीदवार को हराने में कामयाबी हासिल की।

सतवीर चौधरी से पहले 2014 में एनएसयूआई की अनिल चोपड़ा ने एबीवीपी के आधिकारिक उम्मीदवार को हराने में कामयाबी पाई।

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सबसे ज्यादा सभ्य और सुसंस्कृत संगठन होने का दावा करने वाले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद को आखिरी बार 2013 में कानाराम जाट के रूप में अध्यक्ष पद हासिल हुआ था।

साल 2012 में भी एबीवीपी के राजेश मीणा ने ऐसे ही प्रत्याशी को हराया था। इसी तरह से साल 2011 में एनआईसीटी कितनी मिलने पर बागी हुई प्रतिभा चौधरी ने दोनों संगठनों को करारी मात दी थी।

साल 2006 में छात्रसंघ चुनाव बंद होने के बाद 2010 में शुरू हुए तो एबीवीपी के उम्मीदवार मनीष यादव ने एनएसयूआई के अधिकारी प्रत्याशी को हराने में कामयाबी हासिल की।

ये बने हैं अब तक राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष

आदर्श किशोर सक्सेना 1967 -1968, ज्ञान सिंह चौधरी 1968 -1969, हुकुम सिंह 1969 -1970, भरत सिंह पवार 1970 -1971,

विजय प्रभाकर 1971- 1972, विमल चौधरी 1973 -1974, कालीचरण सराफ 1974- 1975,

राजेंद्र राठौड़ 1975 -1975, महेश जोशी 1989 -1980, राजपाल सिंह शेखावत 1980 -1981, रघु शर्मा 1981 -1982, चंद्रशेखर 1986- 1987, प्रणवेंद्र शर्मा 1989 -1990,

अखिल शुक्ला 1990- 1991, प्रताप सिंह खाचरियावास 1991 -1993, जितेंद्र श्रीमाली 1993 -1994, सोमेंद्र शर्मा 1994- 1995 महेंद्र चौधरी 1995-1996,

श्याम शर्मा 1996- 1997, हनुमान बेनीवाल 1997 -1998, रणवीर सिंह गुड्डा 1998- 1999, राजकुमार शर्मा 1999-2000,

अशोक लाहोटी 2,000 -2001, नगेंद्र सिंह शेखावत 2001 -2002, पुष्पेंद्र भारद्वाज 2002- 2003, जितेंद्र मीणा 2003 -2004, राजपाल शर्मा 2004 -2005,

मनीष यादव 2010 -2011, प्रभा चौधरी 2011- 2012, राजेश मीणा 2012- 2013, कानाराम जाट 2013- 2014,

अनिल चोपड़ा 2014 -2015, सतवीर चौधरी 2015 -2016, अंकित धायल 2016- 2017,

पवन यादव 2017- 2018, विनोद जाखड़ 2018- 2019, पूजा वर्मा 2019- 2020।