यहां एक सप्ताह से हॉस्टल में बंद हैं 150 छात्र-

19
nationaldunia
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

-राजधानी में जीका वायरस का कहर, पॉजिटिव रोगियों का शतक पूरा

जयपुर।

राजस्थान की राजधानी जयपुर के बीचों—बीच बीते एक माह से दहशत का पर्याय बना जीका वायरस सरकारी महकमे के नियंत्रण से बाहर हो गया है।

सरकारी अधिकारियों ने अपनी नाकामी को छिपाने के लिए बीते सप्ताह से जयपुर में राजपूत हॉस्टल के 150 छात्रों को अंदर ही बंद कर दिया गया है।

तमाम मीडियाकर्मी, बाहरी लोग और जो भी छात्रों के परिजन हैं, उन उनमें से किसी को भी छात्रावास के भीतर नहीं जाने दिया जा रहा है।

इतना ही नहीं, छात्रावास के अंदर बंद छात्रों को बाहर भी नहीं आने दिया जा रहा है। परीक्षा फार्म भरने का समय चल रहा है। ऐसे में सभी छात्रों के एग्जाम फॉर्म चिकित्सा महकमे के अधिकारी भरने में लगे हुए हैं।

छात्रों से कहा गया है कि जिसको भी एग्जाम फॉर्म भरना है वह बता दें, जिस को भी फल खाने हैं, उसके लिए हॉस्टल के अंदर ठेले की व्यवस्था कर दी जाएगी।

जिसको भी अन्य किसी सामान की जरूरत है, वह अंदर ही पहुंचा दिया जाएगा, लेकिन कोई भी हस्टलर बाहर नहीं निकल पाए। चिकित्सा विभाग की टीम के साथ पुलिस का पूरा दल-बल मौजूद है।

राजस्थान सरकार के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अब तक शास्त्री नगर, सिंधी कैंप और विद्याधर नगर में जीका वायरस के पीड़ित 100 मरीज सामने आ चुके हैं।

पूरी दुनिया में मीडिया के द्वारा सूचना पहुंचने के बाद जयपुर के पर्यटकों में भी कमी आई है। राज्य में विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लग चुकी है, और नगर निगम, चिकित्सा विभाग जीका से जूझ रहे हैं।

आचार संहिता के चलते सरकार अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ने का प्रयास कर रही है, तो दूसरी तरफ चिकित्सा महकमे और नगर निगम के आला अधिकारी लापरवाह बने हुए हैं।

जीका वायरस का पहला मरीज सामने आने के बाद 10 दिन तक लगातार चिकित्सा महकमे के आला अधिकारी मौके पर जाना भी मुनासिब नहीं समझे।

प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश के बाद केंद्रीय चिकित्सा मंत्रालय की टीम जयपुर के शास्त्री नगर इलाके का तीन बार सर्वे कर चुकी है। एक बार डब्ल्यूएचओ की टीम भी जायदा ले चुकी है।

अब तक करीब 1200 से अधिक लोगों के सैंपल जांच के लिए एसएमएस मेडिकल कॉलेज भेजे जा चुके हैं, जिनमें से 100 जनों के पॉजिटिव होने की पुष्टि हुई है।

इलाके में 162 से अधिक महिलाओं के भी सैंपल लिए गए हैं। इनमें से 22 महिलाएं गर्भवती हैं। किसी भी गर्भवती महिला को इस इलाके में दाखिल होने की अनुमति नहीं है।

गौरतलब है कि पूरे देश में जयपुर ऐसा पहला सेंटर बन गया है, जहां पर जिका वायरस के 100 से ज्यादा मरीज सामने आए हैं। इससे पहले 2017 में गुजरात में 3 और कर्नाटक में एक मरीज पॉजिटिव पाया गया था।

उल्लेखनीय है कि जीका वायरस के मरीज अक्सर अरब देशों में सामने आते रहते हैं। भारत में से अरब देशों में रोजगार की तलाश में जाकर वापस लौटने वाले मरीजों के साथ यह वायरस आने की संभावना बताई जा रही है।

ज़ीका वायरस डेंगू-मलेरिया के मच्छरों के द्वारा ही एक से दूसरे व्यक्ति के फैलता है। इस वायरस के चलते गर्भ में पल रहे 3 माह तक के बच्चे का मस्तिक कम विकसित होने की संभावना बताई जाती है।

ऐसी खबरों के लिए हमारे साथ बने रहिए। सरकार और कॉरपोरेट दबाव से मुक्त रखने के लिए हमें आप Paytm नं. 9828999333 पर आर्थिक मदद भी कर सकते हैं।