icici bank jaipur
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-9 महीने बाद जब कॉलेज ने मार्च में अपनी audit करवाई तो हुआ खुलासा, किसान पैसे निकालकर कर चुका है खर्च

जयपुर।
बैंकों की लापरवाही आपने नोटबंदी के वक्त तो देखी/सुनी होगी, लेकिन बैंकर्स का यह रवैया अमूमन हमेशा ही रहता है।

बैंक प्रशासन की तमाम सावधानियों के बावजूद बैंक कर्मियों की लापरवाही कभी कभी फिर सामने आ ही जाती हैं।

ऐसी ही एक घोर लापरवाही सामने आई है आईसीआईसीआई बैंक की, जिसने विवि से पैसे लिए और उसको संबधित कॉलेज के खाते में भेजने के बजाए एक किसान के खाते में भेज दिए।

परिणाम यह हुआ कि किसान ने पैसे निकाल लिए और खर्च भी कर दिए। इधर, महाविद्यालय संचालक ने जब अपने शिक्षकों को भत्ता देने के लिए सालाना audit करवाई तो सामने आया कि विवि से पैसे मिले ही नहीं हैं।

कॉलेज के प्रिंसिपल ने विवि से संपर्क किया तो पता चला पैसे तो जा चुके हैं। जब इसकी पड़ताल बैंक से की गई तो सामने आया कि बैंक ने पैसे कॉलेज के खाते में भेजने के बजाए किसी किसान के खाते में डाल दिए।

जब बैंक अधिकारियों ने संबंधित किसान के खाते में पता किया तो सामने आया कि पैसा खर्च भी हो चुका है। अब विवि और कॉलेज लापरवाही करने वाले बैंक को पैसे और ब्याज के लिए कहा है।

मामला राजस्थान विवि का है। विवि से संबद्ध बस्सी के आत्माराम कॉलेज ने हर वर्ष की भांति अपने यहां पर परीक्षा सेंटर होने के कारण एग्जाम करवाए और उसका 3.47 लाख का बिल जुलाई में विवि को भेज दिया।

विवि ने भी समय पर राजस्थान विवि परिसर में ही आईसीआईसीआई बैंक को निर्देश भेजे कि संबंधित कॉलेज को पैसा ट्रांसफर कर दिया जाए।

बैंक ने कॉलेज को पैसा ट्रांसफर कर दिया, लेकिन एक गलती की वजह से पैसा कॉलेज के खाते में जाने के बजाए किसान बद्रीनारायण के खाते में चला गया।

चार तरह की ट्रांसपेरेंसी, फिर भी इतनी बड़ी गलती

विवि के द्वारा जिस कॉलेज के खाते में पैसा भेजा जाता, उससे संबंधित खातेदार के खाते के नंबर, खातेदार का नाम, आईएफएससी नंबर और बैंक का नाम दिया जाता है।

इनमें से एक भी गलती होने पर पैसा नहीं पहुंचता, लेकिन यहां पर गलती भी हुई है और पैसा गलत जगह भी गया है।