जयपुर। ब्यावर के नरेश चैलानी द्वारा मरीजों का बिना किसी वैध पंजीकरण के एलोपैथिक चिकित्सा पद्धति में उपचार किये जाते पकडे जाने पर उपखण्ड अधिकारी ब्यावर द्वारा गठित टीम ने कार्यवाही करते हुए उनके विरूद्ध थाने में एफआईआर दर्ज करवायी है।

औषधि नियंत्रक राजाराम शर्मा ने बताया कि उपखण्ड अधिकारी ब्यावर द्वारा स्वंय को मिली शिकायत पर दुकान नं. 5-6, तारा मार्केट, पाली बाजार ब्यावर का निरीक्षण 3 जून 2019 को किया।

निरीक्षण दौरान दुकान पर दुकान मालिक नरेश चैलानी बिना किसी वैध डिग्री के चिकित्सा अभ्यास करते पाये जाने पर उनके द्वारा उसी समय दुकान पर ताला लगाकर नरेश चैलानी को पाबंद किया।

उन्होंने अग्रिम कार्यवाही के लिए एक टीम का गठन किया जिसमें डॉक्टर गौरव अरोड़ा, चिकित्सा अधिकारी सीएचसी, जवाजा, मनीष कुमार मोदी, औषधि नियंत्रण अधिकारी, अजमेर, शैलेन्द्र सिंह चौधरी नायब तहसीलदार ब्यावर एवं पंकज, कांस्टेबल पुलिस थाना, ब्यावर सिटी सदस्य थे।

टीम ने 4 जून 2019 को कार्यवाही करते हुए दुकान मालिक नरेश चैलानी और दो स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में दुकान को खोला तो पाया कि दुकान में चिकित्सा अभ्यास के काम में लिए जाने वाले उपकरण, उपयोग में ली गई दवाईयां काम में ली गई सीरींज, वाॅयल, आई.वी. फ्ल्युड, वाटर फोर इंजेक्षन एवं चिकित्सा अभ्यास में मरीजों के दी जाने वाली टेबलेट, कैप्सूल की कुछ मात्रा संग्रहित थी।

मनीष कुमार मोदी डीसीओ अजमेर के द्वारा अवैध चिकित्सा अभ्यास के लिये उपयोग में ली जाने वाली औषधियों में से दो प्रकार की औषधियाॅ टेबलेट सिप्रोफ्लोक्सासिन 250 एम.जी. बैच नं AMD0099 तथा कैप्सूल लोप्रामाइड हाइड्रोक्लोराइड आई.पी. बैच नं. MVCV01802 के नमूने जांच विश्लेषण हेतु लिए गये।

डाॅक्टर अरोडा चिकित्सा अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, जवाजा के द्वारा चिकित्सा अभ्यास के काम में लिए जाने वाले उपकरण, औषधियाॅ, कटिंग स्ट्रीप, डिस्पोजेबल सिरिंज, वायल्स एवं बैण्डेज इत्यादी जब्त कर पृथक से कार्यवाही कर नरेश चैलानी के विरूद्ध पुलिस थाना, ब्यावर सिटी, ब्यावर में इन्डियन मेडिकल काउन्सिल एक्ट 1956 की धारा 15(2) एवं भारतीय दण्ड सहिता की धारा 336 एवं 419 के अन्तर्गत एफ.आई.आर संख्या 519/2019 दिनांक 04.06.2019 दर्ज करवायी गई।

जोधपुर में दवाई दुकान में अनियमितता पाये जाने पर दुकान का

इधर, जोधपुर में फर्म मैसर्स बजाज मेडिकल स्टोर, यूआईटी दुकान नम्बर 54 मेडिकल काॅलेज के पास का औषधि नियंत्रण संगठन के निरीक्षण दौरान डाॅक्टर द्वारा पर्ची पर लिखी दवा के स्थान पर अन्य दवाई दिये जाने तथा पाई गई अन्य अनियमितताओं के आधार पर विभाग ने कार्यवाही करते हुए फर्म का लाईसेंस 1 माह के लिए निलम्बित किया।

औषधि नियंत्रक राजाराम शर्मा ने बताया कि उक्त फर्म का निरीक्षण शिकायत के आधार पर दिनांक 22.05.2019 को विभाग के अधिकारियों द्वारा किया गया। निरीक्षण के दौरान फर्म द्वारा मरीज को डाॅक्टर द्वारा पर्ची पर लिखी दवा टेबलेट टोरगेट 40एमजी जिसमें टोरसीमाइड दवा होती है के स्थान पर टेबलेट टारगिट 40 एम.जी जिसमें टेलमीसारटन दवा होती है, का दिया जाना पाया गया तथा फर्म द्वारा टेबलेट EDi-Fe का बिना क्रय बिल के विक्रय किया जाना पाया गया।

निरीक्षण दौरान रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट अनुपस्थिति पाये जाने पर तथा उनकी अनुपस्थिति में शेड्यूल-एच औषधि फेनिटाल 50 का बेचान फर्म मालिक द्वारा स्वयं ही किया जाना पाया गया।

विभिन्न विक्रय बिलो की कार्बन काॅपी का संधारण नहीं किया जाना पाया गया। कुछ बिलों में डाॅक्टर के नाम के स्थान पर अस्पताल का नाम लिखा जाना व दवाई बेचना पाया गया।

उक्त अनियमितताओं के आधार पर फर्म को विभाग की ओर से कारण बताओं नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने तथा व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया। फर्म द्वारा दिया गया जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया।

अतः फर्म द्वारा औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 की धारा 18(a) (VI)] 18(c)] तथा नियमावली 1945 के नियम 65( 2,3,4,9 (a), 11) का उल्लधंन प्रमाणित होने पर अनुज्ञापन प्राधिकारी एवं सहायक औषधि नियंत्रक, जोधपुर द्वारा नियम 66(1) के तहत उक्त फर्म का लाइसेंस एक माह के लिए दिनांक 01.07.2019 से दिनांक 31.07.2019 तक निलम्बित किया गया।