Physician Doctors (file photo)
Physician Doctors (file photo)

जयपुर। ऐसा लग रहा है कि अब डॉक्टर को मरीजों का उपचार करने के अलावा उनकी सारी डिटेल रखनी होगी। इलाज के बाद यदि मरीज नहीं मिले तो उनके परिजन डॉक्टर को धमका भी सकते हैं। ऐसा कोई कानून तो नहीं है, लेकिन घटना हो चुकी है।

कोटा से सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज कराने आई युवती के गायब होने पर गुस्साए परिजनों का रेजीडेंट डॉक्टर को धमकाया, लेकिन डॉक्टर को धमकाना उनपर ही भारी पड़ गया।

रेजीडेंट डॉक्टर की शिकायत पर मोती डूंगरी थाना पुलिस ने चार जनों को गिरफ्तार कर लिया। परिजनों का आरोप था कि युवती पिछले तीन दिनों से कोटा स्थित घर से गायब है और डॉक्टर के सम्पर्क में है। इसलिए परिजन डॉक्टर पर युवती को बरामद कराने को लेकर दबाव बना रहे थे।

जानकारी के अनुसार सवाईमान सिंह अस्पताल के यूरोलॉजी डिपार्टमेंट के रेजीडेंट डॉक्टर डॉ. संजय यादव ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। संजय ने पुलिस को बताया कि रविवार को कोटा के बाबूलाल, संजय, राकेश, दीपक व शिवकुमार के साथ उनके पास आए थे।

इस दौरान इन्होंने एक युवती के बारे में पूछा था। रेजीडेंट डॉक्टर बताया कि युवती नियमित चेकअप और दवाई लेकर चली गई। इस पर युवती के चाचा बाबूलाल ने बताया कि वह तीन दिनों से गायब है। इन लोगों ने रेजीडेंट पर युवती को फोन कर बुलाने का दबाव बनाया।

युवती ने फोन पर रेजीडेंट से बात की, लेकिन अपनी लोकेशन नहीं बताई। इस पर इन्होंने रेजीडेंट डॉक्टर को ही धमकाने के साथ देख लेने की धमकी दे डाली। जांच अधिकारी जगमाल सैनी ने बताया कि रेजीडेंट डॉक्टर की रिपोर्ट पर नामजद पांच आरोपियों में से चार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया।