ganna kisan
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नई दिल्ली।
देश में आजादी से लेकर अब तक जितनी भी सरकारें बनीं, उन सभी ने किसानों को बेहतर सुविधायें देने, उनका कल्याण करने, उपज का उचित मूल्य दिलाने और कर्ज के दलदल से बाहर निकालने जैसे वादे किये, लेकिन आज तक किसानों की समस्यायें जस की तस हैं।

यही कारण है कि प्रतिवर्ष हजारों की संख्या में किसान सुसाइड कर लेते हैं। खास बात यह है कि किसानों के कर्जमाफ करने, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने और किसानों की आय डेढ गुणा करने का वाद कर सत्ता में आई नरेंद्र मोदी सरकारी भी अपना दूसरा कार्यकाल शुरू कर चुकी है, लेकिन किसानों की आय दोगुनी करने का कोई रोडमैप नहीं दिया है।

अब किसानों ने खुद ही तय किया है कि जिस तरह से प्रत्येक उत्पादक खुद अपने उत्पाद की दरें तय करता है, ठीक उसी तरह से किसान भी अपने उत्पादन कर मूल्य तय करके ही बेचेगा।

किसानों ने पहली बार में गन्ने के भाव तय किये हैं और जल्द ही अन्य फसलों के भाव भी तय किये जायेंगे। इसकी शुरुआत उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद की बिलारी पंचायत से हो गई है।

यहां पर आयोजित एक विशाल रैली को संबोधित करते हुये किसान नेताओं ने ऐलान किया कि देश का किसान किसी भी सूरत में 435 रुपये प्रति क्विंटल से कम में गन्ना नहीं बेचेगा।

किसानों ने कहा कि उत्तर प्रदेश के कृषिमंत्री सरेश राणा ने स्वीकार किया था कि गन्ना को प्रति क्विंटल लागत 290 रुपये आती है। इसी को आधार मानते हुये नरेंद्र मोदी के कथन अनुसार गन्ने को अब 435 प्रति क्विंटल, यानी 290 रुपये का डेढ गुणा भाव में बेचा जायेगा।

राष्ट्रीय किसान मजबूर संगठन के नेतृत्व में आयोजित विशाल सभा को संबोधित करते हुये कहा गया है कि अभी केवल गन्ने का मूल्य तय किया गया है, अगर अब भी सरकार ने एमएसपी को डेढ गुणा नहीं किया, तो आने वाले वक्त में देश के अन्य स्थानों पर रैली कर अन्य फसलों के भी भाव तय किये जायेंगे।

गौरतलब है कि एमएसपी को लेकर किसान लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। वर्तमान योगी आदित्यनाथ सरकार से पहले तो हाल यह था कि गन्ना किसानों को भुगतान ही दो—दो साल तक नहीं किया जाता था, जिसके कारण किसानों का कर्जा बढ़ता जाता था।

उल्लेखनीय है कि पूरी दुनिया में किसान का उत्पादन ही ऐसा है, जिसका भाव खरीददार तय करता है, जबकि अन्य कोई भी वस्तु के भाव विक्रेता द्वारा तय कर बेची जाती है। ऐसे में किसानों ने यह बड़ा फैसला किया है। अब किसान ही अपनी फसला की दरें तय करके बेचेंगे।

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