mla kalicharan on protest
mla kalicharan on protest

—घंटों चला हंगामा, पशु चिकित्सक की गाड़ी को रोका, गायों की छोड़ने की मांग

जयपुर।
राजधानी के मालवीय नगर विधानसभा क्षेत्र में आज सुबह हाई प्रोफाइल ड्रामा हो गया और निगम प्रशान और स्थानीय विधायक आमने-सामने हो गए।

घंटों सड़क पर हंगामा चलता रहा। पुलिस मौके पर पहुंची और विधायक व पूर्व मंत्री को सामने देख सकते में आ गई। अब निगम कह रहा है कि विधायक को कुछ परेशानी थी तो आते, बैठकर बात करते, या फिर वह सड़क पर ही बात करना चाहते हैं।

विधायक ऐसा करके एक ओर उच्च न्यायालय के आदेशों की अवमानना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर राजकार्य में भी बाधा पहुंचा रहे हैं। सुबह नौ बने शुरू हुआ हंगामा दोपहर 12 बजे खबर लिखे जाने तक जारी रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पार्षद, पूर्व पार्षद और भाजपा कार्यकर्ता भी सड़क पर आ गए।

हुआ यूं कि नगर निगम की पशुधन शाखा के दस्ते नेआज जयपुरिया अस्पताल के पास स्थित गुर्जर बस्ती में अवैध डेयरियों पर कार्रवाई की। दस्ते ने यहां अवैध डेयरियों से 20-25 पशु जब्त कर गौशाला भेज दिए, जिससे डेयरी संचालक भड़क गए और दस्ते की एक गाड़ी को घेर लिया।

सूचना पर विधायक कालीचरण सराफ भी पहुंचे और दस्ते गाड़ी के आगे धरने पर बैठ गए। विधायक सराफ इस बात पर अड़े रहे कि जब तक गायों को नहीं छोड़ा जाता, तब तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने निगम अधिकारियों को कहा कि उन्होंने घरों में घुसकर खूटे से बंधी महंगी और दुधारू गायों पर कार्रवाई की। डेयरी संचालकों का आरोप था कि गाड़ी में बंद अधिकारी भ्रष्ट है और डेयरी संचालकों से चौथ वसूली करता है।

इस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। हंगामा कर रहे लोगों ने निगम की जिस गाड़ी को रोका, उसमें बैठा निगम का अधिकारी दो घंटे तक गाड़ी में ही बंद रहा।

बाद में कुछ लोगों ने उसे बाहर निकाला और पास के घर में बिठाकर पानी पिलाया। बाद में निगम के पशु चिकित्सक कुछ डेयरी संचालकों को गायों को रिलीव करने के लिए अपने साथ ले गए।

निगम पशुधन समिति के अध्यक्ष भंवर छींपा ने बताया कि निगम राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों पर यह कार्रवाई करता है।

न्यायालय के आदेशों के अनुसार शहरी इलाके में पशु डेयरियां संचालित नहीं की जा सकती है। इस मामले में हम धरना देने वाले लोगों के खिलाफ राजकार्य में बाधा का मामला दर्ज कराएंगे।

7-8 महीनों पहले भी निगम ने इसी जगह पर अवैध डेयरियों के खिलाफ कार्रवाई में बाधा पहुंचाई गई थी। उस समय भाजपा की सरकार थी और पहुंच का इस्तेमाल करते हुए कार्रवाई रुकवाई गई। यहां तक की कार्रवाई करने वाले निगम अधिकारी का ट्रांस्फर तक करवा दिया गया था।

निगम उच्च न्यायालय के निर्देशों पर अवैध पशु डेयरियों और आवारा पशुओं पर कार्रवाई कर रहा है। विधायक ने राजकार्य में तो बाधा पहुंचाई है ही साथ में न्यायालय के आदेशों की भी अवमानना की है।
विष्णु लाटा, महापौर