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जयपुर। कांग्रेस के संगठन महासचिव अशोक गहलोत ने भाजपा और सरकार पर जमकर निशाना साधा। गहलोत ने मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि इतना भारी बहुमत देने के बावजूद वसुंधरा राजे ने लापरवाही से राज किया। मुख्यमंत्री ज्यादातर समय कभी धौलपुर, कभी उज्जैन और बाहर रहती हैं। मुख्यमंत्री जयपुर कब आ रही हैं, यह पता करना होता है। सब कुछ मुख्यमंत्री ने सीएमओ पर छोड़ दिया।

गहलोत ने कहा सीएमओ का एक अफसर है, वह डिफेक्टे मुख्यमंत्री बन गया। अफसरों को धमकाने से लेकर सारे गलत काम इसी अफसर ने करवाए। मंत्री, विधाायक और अफसर बाहर बैठे इंतजार करते रहते हैं, और डिफेक्टो मुख्यमंत्री बना अफसर उनकी बेइज्जती करता रहा, यह पूरे पौने पांच साल तक चलता रहा है।

गहलोत ने कहा कि कई विभागों में लूट मची हुई है। आईटी, माइनिंग, पीएचइडी, बिजली में लूट मची हुई है। डिफेक्टो मुख्यमंत्री बने अफसर और उसके उसके कॉकस ने ही चार साल राज किया है। रिसर्जेंट राजस्थान के आयोजनों में खूब फिजूलखर्ची हुई, विदेशों में रोड शो किए गए। कांग्रेस की सरकार बनने पर जांच के सवाल पर गहलोत ने कहा कि ये मामले जांच के योग्य तो हैं।

गहलोत ने कहा कि सरकार का इकबाल खत्म होता है, तब अपराधी हावी होते हैं। आज राजस्थान में कानून व्यवस्था की हालत खराब है। सीएम बेशर्मी से गौरव यात्रा निकाल रही हैं, यह विदाई यात्रा है। अमित शाह और सीएम की बनती नहीं, ये लोग कांग्रेस से पूछते हैं कि सीएम कौन होगा इन्हें इसका कोई हक नहीं है।

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गहलोत ने कहा कि अमित शाह और सीएम जो बोलते हैं, वह झूठ का पुलिंदा है। अमित शाह की सीएम ने दुर्गति की, दोनों में बनती नहीं है। पिछले 28 साल में से 18 साल भाजपा ने राज किया है, 10 साल मैं मुख्यमंत्री रहा, ये जो आधुनिक राजस्थान आप देख रहे हैं वह हमारी सरकार की देन है। इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का काम हमारे समय शुरू हुआ था।

गहलोत ने कहा कि पश्चिमी सीमा पर मानव शृंखला बनाने के नाम पर खानापूर्ति की गई। मानव श्रृंखला तो बनी नहीं, बाड़मेर यात्रा मेंं लोग बता रहे थे कि बच्चों को परेशन किया गया, भूखा प्यासा रखा गया। मानव श्रृखला पर पुष्प वर्षा का 21 करोड़ का भुगतान बकाया है।

सुदर्शन सेठी ने अनियमित भुगतान से मना किया तो तबादला कर दिया, जो अफसर गलत भुगतान नहीं कर रहे उनके तबादले किए जा रहे हैं,यह सब काम डिफेक्टो मुख्यमंत्री बने अफसर के इशारे पर हो रहे हैं।

अशोक गहलोत ने कहा कि लोकतंत्र में लोग क्या कहेंगे, इसका हमें डर रहता है। सीएम और भाजपा को लोग क्या कहेंगे इसकी परवाह नहीं है। पीएम की सभा में लाभार्थियों को बुलाकर करोड़ों खर्च किए गए, अब पुलिस वालों को लाभार्थी बनाकर सम्मेलन किया जाएगा, इनकी मति मारी गई है।

अमित शाह राजस्थान में मुख्यमंत्री के नाम से नहीं नरेंद्र मोदी के नाम पर वोट मांग रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि सीएम के नाम से तो वोट मिलेंगे नहीं, लेकिन अब मोदी के नाम से भी वोट नहीं मिलेंगे।

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदनलाल सैनी की बेइज्जती कर रही है। भाजपा और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष का एक मान सम्मान होता है, अशोक परनामी को हटा दिया लेकिन मुख्यमंत्री अब भी उन्हें बराबर साथ रखे हुए हैं, तो भाजपा में दो दो प्रदेश अध्यक्ष हो गए, अशोक परनामी वसुंधरा राजे के प्रदेशाध्यक्ष और मदनलाल सैनी अमित शाह और नरेंद्र मोदी के प्रदेशाध्यक्ष।

मदनलाल सैनी भले आदमी हैं, एक दो बार वे विधायक रहे हैं, वे भाजपा के एक समर्पित और कर्मठ कार्यकर्ता हैं। मुख्यमंत्री मदनलाल सैनी की ऐसी बेइज्जती कर रही है कि उसे देख हमें भी दुख होता है। मुख्यमंत्री की यात्राओं में मंच पर सबकी कुर्सियां लगी होती हैं, लेकिन उन पर मदनलाल सैनी का नाम नहीं होता। मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह सैनी को साथ रखें।

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