नई दिल्ली।

11 जनवरी 2019 को रिलीज होने के लिए प्रस्तावित ‘एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर’ का ट्रेलर जारी होने के साथ ही विवाद शुरू हो गया है।

'Accidental prime minister' का इसलिए कर रही है कांग्रेस विरोध- 1

फ़िल्म के ट्रेलर के बाद कांग्रेस और उसके समर्थकों ने भारी विरोध जताया है। मध्य प्रदेश में तो मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बाकायदा फ़िल्म पर बैन लगाने का एलान भी कर दिया था।

'Accidental prime minister' का इसलिए कर रही है कांग्रेस विरोध- 2

हालांकि, बाद मध्य प्रदेश सरकार ने देर रात अपने फैसले को वापस ले लिया। आपको बता दें कि फ़िल्म में विरोध का कारण क्या है?

फ़िल्म की बात करें तो 4 साल पहले संजय बारू द्वारा लिखी गई किताब की कहानी पर बनाई गई है।

जिसके ट्रेलर को देखकर लगता है कि डॉ. मनमोहन सिंह को पाक साफ दिखाया गया है, यह डॉ. संजय बारू की चालाकी भी हो सकती है।

'Accidental prime minister' का इसलिए कर रही है कांग्रेस विरोध- 3

हालांकि, प्रधानमंत्री के रूप में डॉ. मनमोहन सिंह को बेहद कमजोर और लाचार दिखाया गया है। जबकि, सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के परिवार को निशाने पर लिया गया है।

प्रधानमंत्री के रूप में मनमोहन सिंह की लाचारी और रिमोट कंट्रोल के सहारे सोनिया गांधी द्वारा उनको संचालित करना किसी भी कांग्रेसी को अखर सकता है।

डॉ. संजय बारू मनमोहन सिंह के करीबी थे। कई मामलों में उनको सलाह भी दिया करते थे। कहते हैं डॉ. बारू ने उनको 10 साल तक प्रधानमंत्री के तौर पर बेहद करीब से देखा है।

'Accidental prime minister' का इसलिए कर रही है कांग्रेस विरोध- 4

कौन हैं डॉ. संजय बारू?

डॉ. मनमोहन सिंह पर बनी फिल्म ‘Accidental prime minister‘ पर बवाल हो रहा है। डॉ. सिंह के मीडिया सलाहकार रहे डॉ. बारू ने इसी नाम से 4 साल पहले एक किताब लिखी थी, जिसके आधार पर यह फिल्म बनी है।

'Accidental prime minister' का इसलिए कर रही है कांग्रेस विरोध- 5

डॉ. बारू के पास राजनीतिक एवं आर्थिक विश्लेषण क्षेत्र में काम का काफी अनुभवी है। साल 2004 से 2008 तक पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के मीडिया सलाहकार रह चुके हैं। वह साल 1999 से 2001 तक भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बोर्ड के भी मेम्बर रह चुके हैं।

'Accidental prime minister' का इसलिए कर रही है कांग्रेस विरोध- 6

भारत-आसियान प्रमुख व्यक्ति समूह 2010 में भी डॉ. बारू सदस्य रह चुके हैं। भारतीय राष्ट्रीय रक्षा विवि समिति के भी सदस्य थे।

वह साल 2002 से 2004 तक सदस्य रहे हैं। डॉ. बारू ने 2017 में देश के प्रमुख वाणिज्य एवं उद्योग मंडल के महासचिव का कार्यभार संभाला था।