भरतपुर।

भारत में बरसात को लेकर अजीब तरह के टोने टोटके किए जाते हैं। कहीं पर ओलावृष्टि अधिक होने पर मटकी फोड़ी जाती है, तो कहीं पर बरसात बुलाने के लिए हवन कर इंद्र देव को खुश किया जाता है।

किंतु राजस्थान के भरतपुर जिले में एक गांव ऐसा भी है, जहां पर बरसात को बुलाने के लिए पंचायत के सरपंच और गांव के पटेल को गधे पर उल्टा बिठाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला जाता है।

यहां पर मेहंदीपुर बालाजी रोड पर झूटावत गांव है, जहां पर बरसात नहीं होने पर गांव के पटेल ईश्वर सिंह और पंचायत के सरपंच किशन सिंह तंवर को गधे पर बैठाकर घुमाया गया, उसके बाद शाम को 4:00 बजे बरसात हो गई।

बताया जाता है कि यह बहुत पौराणिक मान्यता है जो हमेशा कारगर साबित होती है। ऐसा ही मामला 4 साल पहले भी हुआ था जब कई दिनों तक बरसात नहीं हो रही थी।

फिर गांव के पटेल और पंचायत समिति के सरपंच का गधे पर उल्टा बिठाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया जिसके बाद अच्छी बरसात हुई और बढ़िया जमाना हुआ था।

जनपद के सदस्य दिनेश पोरवाल के मुताबिक कई पीढ़ियों से चली आ रही है, जिसको आज भी सटीक माना जाता है और जब अच्छी बरसात नहीं होती हैं या बरसात नहीं हो रही होती है, तब इस टोटके को काम में लिया जाता है, उसके बाद जोरदार बरसात होती है।

इस बार भी ऐसा ही हुआ, एक बार बरसात हो गई। गांव वासियों ने फसल की बुवाई करती है, लेकिन फिर एकाएक बारिश गायब हो गई।

इंद्र देव को खुश करने के लिए गांव वासियों ने पुरानी परंपरा के अनुसार इस टोटके को काम में लेने का सोचा और उसके केवल 5 घंटे बाद ही इलाके में अच्छी बरसात हुई।

70 वर्षीय भगवान सिंह तोमर का कहना है कि यह कई पीढ़ियों से, बल्कि की कई सदियों से चली आ रही परंपरा है, जिसको एकदम सही ठहराया जाता है, क्योंकि इस टोटके के बाद बरसात होती है और परिणाम अच्छे निकलते हैं।