alwar gang rape victim
alwar gang rape victim

जयपुर।
अलवर जिले की थानागाजी तहसील के पास बीहड़ों में गैंगरेप की शिकार हुई पीड़िता को भले ही पुलिस ने समय पर केस दर्ज कर न्याय दिलाने में लापरवाही दिखाई हो, लेकिन अब राजस्थान पुलिस में अपनी सेवाएं देंगी।

राज्य सरकार ने आदेश जारी कर दिया है कि गैंगरेप की पीड़िता राज्य पु​लिस विभाग में सिपाही के तौर पर उदयपुर में तैनात होंगी।

अशोक गहलोत के पास मौजूद गृह विभाग ने पीड़िता को पुलिस का कॉन्सटेबल बनाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

बताया जा रहा है कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अनुमति मिल चुकी है और ही विभाग ने अपना आदेश भी जारी कर दिया है।

अब जल्द ही पीड़िता को जयपुर स्थित पुलिस अकादमी में ट्रेनिंग दी जाएगी और उसके बाद फील्ड में तैनात किया जाएगा।

सीएम अशोक गहलोत के पास मुख्यमंत्री के अलावा जिन विभागों का जिम्मा है उनमें गृह विभाग भी शामिल है। पिछले दिनों राहुल गांधी की मौजूदगी में पीड़िता को नौकरी का वादा किया गया था।

बता दें कि जब सरकार ने पूछा कि वह किस तरह से त्वरित न्याय चाहती हैं, तब गैंगरेप की शिकार पीड़ित लड़की ने कहा था कि उसको सरकारी नौकरी चाहिए।

इसपर पीड़िता की शिक्षा और मर्जी के मुताबिक सरकार ने पुलिस विभाग में कॉन्सटेबल की नौकरी दी है।

राज्य सरकार ने सोशल मीडिया पर गैंगरेप का वीडियो शेयर करने को लेकर पहली बार यूट्यूब चैनल के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

बता दें कि अलवर जिले के थानागाजी में 19 वर्षीय दलित महिला के साथ उसके पति को बांधकर पांच जनों द्वारा गैंगरेप किया गया था।

उसके साथ यहां के बीहड़ में दंपत्ति को थानागाजी जाते वक्त रास्ते में रोककर 26 अप्रैल को 5 युवकों ने गैंगरेप किया था। 6 मई को मतदान के दूसरे दिन इस मामले को उछाला गया और प्रकरण देशभर में गूंजा था।

चुनाव के दो चरण से पहले राज्य की कांग्रेस सरकार में हुए इस गैंगरेप को मीडिया द्वारा हाइप देने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पीड़िता से मिलकर गए थे।