खुलासा: अलवर में मरने वाले छात्र तकनीकी सहायक भर्ती रुकने से अवसाद में थे!

138
- नेशनल दुनिया पर विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें 9828999333-
dr. rajvendra chaudhary jaipur-hospital

जयपुर।

3 दिन पहले अलवर में जयपुर-चंडीगढ़ एक्सप्रेस ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या करने वाली 3 छात्रों के मामले को लेकर उनके साथियों ने बड़ा खुलासा किया है।

उन्हीं छात्रों के साथ तैयारी करने वाले दूसरे 8-10 छात्रों ने दावा किया है कि 2018 में राज्य सरकार द्वारा की गई तकनीकी सहायक भर्ती में बड़े पैमाने पर घपला हुआ था, जिसके चलते सुसाइड करने वाले छात्र फैल हो गए थे, ऐसे में वो अवसाद में थे।

छात्रों ने कहा है कि पहले राज्य सरकार ने बिजली विभाग में 11000 पदों पर तकनीकी सहायक भर्ती के लिए दावा किया। लेकिन उसके बाद केवल 2200 पदों पर भर्ती निकाली। बाद में मांग करने पर पद बढ़ाकर 5000 कर दिए गए, लेकिन असलियत यह हुई कि ऑनलाइन एग्जाम में बड़े पैमाने पर धांधली हुई।

एक डिस्कॉम से एक ही फार्म भरने के बाध्यता थी, किन्तु बाद में परीक्षा देने के सरकारी दिशा निर्देशों की खुले तौर पर उल्लंघन किया गया।

दावा किया है कि एक ही परिवार के 3-3 अभ्यर्थियों का चयन हुआ और उसके उपरांत मामले को लेकर हजारों अभ्यर्थियों ने डिस्कॉम के एमडी आर.जी. गुप्ता से शिकायत की।

प्रदेश में अभ्यर्थियों ने जगह-जगह प्रदर्शन किया, लेकिन सरकार ने एक भी नहीं सुनी। इस दौरान राज्य में विधानसभा चुनाव को लेकर आचार संहिता लागू हो गई और मामला चुनाव आयोग के अधीन हो गया।

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ के अध्यक्ष उपेन यादव का कहना है कि अगर तकनीकी सहायक भर्ती में गमले और गड़बड़ियां नहीं होती, तो प्रदेश के 3 होनहार छात्रों को अपने जीवन से हाथ नहीं धोना पड़ता।

मृतक 3 छात्रों के अलावा मौके पर बचे हुए छात्र जहां बुरी तरह से डरे हुए हैं। वहीं, मृतकों के साथ रहकर तैयारी करने वाले अन्य एक दर्जन छात्रों को भी पुलिस का खौफ खाए जा रहा है।