कोबरा पोस्ट के स्टिंग आॅपरेशन ने दैनिक भास्कर, जागरण, डीएनए, यूएनआई समेत 16 मीडिया घरानों को कर दिया नंगा—

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- Advertisement - dr. rajvendra chaudhary

नई दिल्ली।
देश में चुनाव को लेकर चल रहे एजेंडा का खुलासा किया है एक स्टिंग आॅपरेशन ने। आॅपरेशन किया है खोजी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाने वाले कोबरापोस्ट ने। कोबरापोस्ट के द्वारा किए गए हालिया खुलासे के बाद देश के कई जाने—माने मीडिया संस्थानों की पोल खोल कर रख दी है।

कोबरापोस्ट ने अपने ‘ऑपरेशन 136’ में स्टिंग ऑपरेशन के जरिए दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, डीएनए, यूएनआई समेत 16 संस्थानों को नंगा कर दिया है। इस स्टिंग ने मीडिया जगत के स्याह पक्ष को उजागर किया है, जहां पैसों के लिए देश की पत्रकारिता अपनी आवाज और कलम का भी सौदा करने की बातें कही जाती है।

कोबरापोस्ट के खुफिया कैमरे की सहायता से किए गए इस खास ऑपरेशन में देश के कई नामचीन मीडिया संस्थानों द्वारा सत्ताधारी दल के लिए चुनावी महौल तैयार करने के लिए राजी होते नजर आए हैं।

इसके साथ ही, देश कार्यरत विपक्षी दलों के बड़े नेताओं का चुनाव के दौरान दुष्प्रचार कर उनका चरित्र हनन करने, उनके खिलाफ खबरों के जरिए झूठी अफवाहें फैलाकर छवि को खराब करके सत्तारूढ़ दल के पक्ष में चुनावी माहौल तैयार की सौदेबाजी का भी उजागर हुई है।

देश में कुछ संगठनों के लिए पत्रकारिता जगत से जुड़े इन लोगों ने पत्रकारिता की प्रतिष्ठा को पूरी तरह से दांव पर रखते हुए देश में नागरिक स्वतंत्रता और जनता के अधिकारों के लिए लड़ाई लड़ने वालों के विरुद्ध झूठी खबरें बनाने पर भी अपनी रजामंदी दी है।

यहां तक कि अपने हकों के लिए आंदोलन करने वाले अन्नदाताओं को भी माओवादियों द्वारा उकसाए हुए बताकर केंद्र सरकार की नीतियों का महिमामंडन करने के लिए भी ये मठाधीश सहमत हो गए। वहीं, देश की न्यायपालिका के फैसलों पर कई तरह से ​परोक्ष रुप से प्रश्नचिन्ह लगाकर लोगों के सामने उसे अलग तरह से पेश करने में भी इनको कोई गुरेज़ नहीं है।

स्टिंग में यह भी पाया गया है कि भारतीय मीडिया किस तरह से अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़कर प्रेस की आजादी का गलत इस्तेमाल करने पर उतारू है, यहां तक कि पहले से यह कर भीरहा है। यह स्टिांग अवांछित सामग्री चलाकर पत्रकारिता के पेशे पर सवालिया निशान लगाने वालों को नंगा कर रहा है।

इस आॅपरेशन को अंजाम दिया है कोबरापोस्ट के खोजी पत्रकार पुष्प शर्मा। इस स्टिंग में पुष्प शर्मा श्रीमद् भगवत् गीता प्रचार समिति, उज्जैन के प्रचारक बने हैं। प्रचारक बनकर और उन्होंने खुद को आचार्य छत्रपाल अटल बताया है।

पहली बार इतने बड़े पैमाने पर किए गए इस स्टिंग के दौरान देश के करीब 3 दर्जन बड़े मीडिया घरानों के कई वरिष्ठ और जिम्मेदार आला अधिकारियों से मुलाकात पुष्प शर्मा ने एक खास तरह का मीडिया कैंपेन चलवाने के लिए 6 से 50 करोड़ रुपये तक का अपना बजट बताते हुए इन घरानों की हकिकत उजागर करने का प्रयास किया है।

पोस्ट ने अपने ‘ऑपरेशन 136’ का पहला भाग जारी किया है, जिसमें 16 बड़े मीडिया संस्थानों के नाम सामने आए हैं। जिनमें दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, अमर उजाला, पंजाब केसरी, इंडिया टीवी, सब नेटवर्क, डीएनए और यूएनआई जैसे बड़े व प्रतिष्ठित नाम शामिल हैं।

साथ ही स्कूप व्हूप, रेडिफ डॉट कॉम, 9एक्स टशन, समाचार प्लस, एचएनएन लाइव 24×7, स्वतंत्र भारत, इंडिया वॉच, आज हिंदी डेली, साधना प्राइम न्यूज को भी इस बड़ी और खतरनाम साजिश में सौदेबाजी करते हुए लिप्त दिखाया गया है। सभी मीडिया घरानों से जुड़े हुए बड़े पदों पर बैठे अधिकारियों की बातचीत के अंश इस खुफिया ऑपरेशन में दिखाए गए हैं।

अपने स्टिंग में जिस खास एजेंडे को लेकर कोबरापोस्ट ने मीडिया घरानों से संपर्क साधा था, उनमें केवल चार बिंदु प्रमुखता से शामिल थे।

पहला— मीडिया अभियान के शुरुआती चरण में हिंदुत्व का प्रचार करना, जिसके तहत धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से हिंदुत्व और हिंदू धर्म को बढ़ाकर पेश करना।

दूसरा— विनय कटियार, केंद्रीय मंत्री उमा भारती, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और दूसरे बड़े हिंदुवादी नेताओं के भाषणों को अपनी खबरों में बढ़ा—चढ़कर सांप्रदायिक तौर पर मतदाताओं को एक दल के पक्ष में अभियान खड़ा किया जाना।

तीसरा— चुनाव नज़दीक आ आते ही राजनीतिक प्रतिद्वंदियों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रुप से टारगेट किया जाएगा।

जैसे राहुल गांधी, मायावती और सपा के अखिलेश यादव के अलावा विपक्षी दलों के बड़े नेताओं को पप्पू, बुआ और बबुआ कहकर जनता के समक्ष पेश करना, ताकि चुनाव के वक्त जनता उनको गंभीरता से न ले, जिससे मतदाताओं का रुख पक्ष मे किया जा सके।

चौथा— मीडिया घरानों को अभियान उनके प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक, रेडियो, डिजिटल न्यूज, ई-न्यूज पोर्टल, वेबसाइट के साथ-साथ फेसबुक और ट्विटर पर भी चलाना होगा।

कोबरापोस्ट के मुताबिक इस अभियान पर उसने जिन मीडिया संस्थानों से संपर्क किया, उनमें से लगभग सभी ने इस अभियान को चलाने पर सहमति दे दी।

इस स्टिंग में कई मीडिया घराने सौदेबाजी के बदले नकदी भुगतान, मबलब काला धन भी स्वीकार करने के लिए तैयार थे। कुछ मीडिया मालिक और कर्मचारियों ने कहा कि वे खुद संघ से जुड़े हुए हैं, इसलिए वे खुद ही हिंदुत्ववादी विचारधारा से प्रभावित हैं। इसलिए इनको इस अभियान से जुड़कर खुशी होगी।

इनके अलावा कइयों अपने प्रकाशनों में सत्ताधारी पार्टी के पक्ष में अनर्गत और झूठी कहानियां और समाचार प्रकाशित करने के लिए सहमत हुए।

कोबरापोस्ट के अनुसार इस पूरे स्टिंग को ‘ऑपरेशन 136’ नाम देने का कारण वर्ष 2017 के प्रेस इंडेक्स में भारत विश्व में 136वें पायदान पर होना है।

मीडिया घरानों और उनके अधिकारियों के नाम, जिनसे कोबरापोस्ट ने बात की है—

इंडिया टीवी – जितेन्द्र कुमार, डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (सेल्स), (नोएडा)
दैनिक जागरण– संजय प्रताप सिंह, एरिया मैनेजर (बिहार, झारखंड, ओडिशा)
सब नेटवर्क (अधिकारी ब्रदर्स टेलीविज़न नेटवर्क)- कैलाशनाथ अधिकारी, मैनेजिंग डायरेक्टर(मुंबई)
ज़ी सिनर्जी एंड डीएनए– रजत कुमार, मुख्य राजस्व अधिकारी
हिंदी खबर– अतुल अग्रवाल, डायरेक्टर एंड एडिटर इन चीफ (नोएडा)
9एनएक्स– प्रदीप गुहा, सीईओ(गुड़गांव)
समाचार प्लस– अमित त्यागी, सीनियर सेल्स (नोएडा)
एचएनएन लाइव– अमित शर्मा, सीईओ, (देहरादून, उत्तराखंड)
पंजाब केसरी– सुनील शर्मा
स्वतंत्र भारत– संजय सिंह श्रीवास्तव, एडिटर एंड बिजनेस हेड (लखनऊ)
स्कूप व्हूप: सात्विक, सीईओ(दिल्ली)
रेडिफ डॉट कॉम– विराज खानधादिया, एसोसिएट डायरेक्टर एड सेल्स (मुंबई)
आज (हिंदी डेली)– हरिंदर सिंह साहनी, बिजनेस हेड/ब्रांच हेड
साधना प्राइम न्यूज़– आलोक भट्ट, डायरेक्टर (लखनऊ)
अमर उजाला– हिमांशु गौतम, बिजनेस हेड (दिल्ली)
यूएनआई– नरेंद्र कुमार श्रीवास्तव, ब्यूरो प्रमुख (दिल्ली)