Jaipur

राजस्थान में इसी माह जयपुर, जोधपुर और कोटा को छोड़कर सभी शहरों की सरकारों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं। किंतु लगता है राज्य सरकार को सलाह देने वालों की मति भ्रमित हो गई है।

यही कारण है कि राज्य सरकार ने स्टेट टोल को पुनः शुरू करने का फैसला उठा लिया है, जबकि गत वसुंधरा राजे सरकार ने एक अप्रैल 2018 को ही इस टोल को बंद किया था।

स्टेट गवर्मेंट के द्वारा उगाहे जाने वाले टोल को सरकार ने बन्द कर बड़ी वाहवाही लूटी थी, मगर “अब होगा न्याय” का नारा देकर सत्ता में आई अशोक गहलोत सरकार ने राज्य की जनता पर फिर से सालाना 300 करोड़ का बोझ लादने का निर्णय कर लिया है।

राज्य सरकार को यहां 15500 किलोमीटर से अधिक दूरी वाली स्टेट हाईवे की सड़कों पर अब सम्भवतः एक नवम्बर से फिर टोल वसूली शुरू हो जाएगी।

इससे सरकार को सालाना 300 करोड़ का राजस्व मिलेगा, जबकि राष्ट्रीय राजमार्गों पर पहले से सभी टोल चालू है। अब स्टेट हाईवे पर भी निजी वाहनों के टोल शुरू हो जाएंगे।

गौरतलब है कि राज्य में हुए कई आंदोलनों के बाद वसुंधरा राजे सरकार ने करीब डेढ़ साल पहले ही निजी वाहनों से स्टेट हाईवे पर टोल वसूलने पर रोक लगाई थी।

अब राजस्थान में करीब 45 लाख वाहनों को हर रोज 40 और 60 रुपये का टोल देना होगा। ठेकेदार और राज्य सरकार टोल वसूली को लेकर 2-3 माह से प्रयासरत थे।