भरतपुर।

पूरी दुनिया में लोहागढ़ के नाम से प्रसिद्ध राजस्थान का भरतपुर का अवैध किला 2 दिन से भयानक सियासी आग में झुलस रहा है।

यह आग लगाई है मतगणना के लिए स्ट्रांग रूम में रखी हुई ईवीएम सुरक्षा करने वाले बंदूकधारी जवानों ने।

भरतपुर के पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत द्वारा यहां के पूर्व राजघराने के सदस्य और लोगों के जुबान पर चढ़े हुए महाराज विश्वेंद्र सिंह पर बंदूक थाने का मामला सामने आया है।

पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने महाराजा विश्वेंद्र सिंह को बंदूक तान कर कहा ‘शूट हिम एट साइट।’

इस बात का जैसे ही भरतपुर के खासकर डीग-कुम्हेर के लोगों को पता चला तो अपने महाराज के पक्ष में जनसैलाब उमड़ पड़ा।

कल रात से ही विश्वेंद्र सिंह और आरएलडी के उम्मीदवार डॉ सुभाष गर्ग के समर्थक कॉलेज के बाहर बैठे हुए हैं।

यहां पर हालात बेहद तनावपूर्ण है। इस बीच पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत को छुट्टी पर भेज दिया गया है। अब मतगणना रेंज आईजी मालिनी अग्रवाल की देखरेख में होगी।

इससे पहले विश्वेंद्र सिंह ने प्रशासन पर मत बेटियों के साथ छेड़खानी करने की आशंका जाहिर करते हुए मौके पर तैनात पुलिस के जवानों को इस बारे में कहा तो मामला भड़क गया।

कांग्रेस विधायक विश्वेंद्र सिंह के मुताबिक मौके पर मौजूद पुलिस के जवान ने जहां उनके साथ बदतमीजी की, वहीं सूचना के बाद मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक केसर सिंह शेखावत ने ‘शूट एट साइट हिम’ तक कह दिया।

इस प्रकरण से गुस्सा हुए विधायक विश्वेंद्र सिंह ने प्रशासन को धमकी देते हुए कहा कि अगर स्ट्रांग रूम की सुरक्षा नहीं की गई, तो वह भरतपुर को आग लगा देंगे।

उल्लेखनीय है कि भरतपुर ने रियासत कभी भी मुगलों या अंग्रेजों की गुलामी स्वीकार नहीं की थी। देश में यही एक रियासत थी, जो कभी गुलाम नहीं हुई।