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लखनऊ।

आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बहुजन समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी ने गठबंधन कर लिया है। बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी।

बहुजन समाजवादी पार्टी और समाजवादी पार्टी के बीच में 25 साल बाद एक बार फिर से यह गठबंधन हुआ है। दोनों पार्टियों ने लोकसभा चुनाव साथ साथ लड़ने का ऐलान कर दिया है।

इस अवसर पर मीडिया से बात करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने भाजपा को भारतीय जनता पार्टी एंड कंपनी करार दिया तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी से भी दूरी बना ली है।

मायावती ने इस मौके पर गेस्ट हाउस कांड का भी जिक्र किया उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस कांड से देशहित ऊपर रखते हुए हमने समाजवादी पार्टी के साथ हाथ मिलाया है।

मायावती ने कांग्रेस पार्टी पर भी कहीं तीखे हमले किए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी के साथ हाथ मिलाकर उनको खास फायदा नहीं होने वाला है, और इससे कांग्रेस पार्टी को ही फायदा होगा। इसलिए केवल ये दोनों पार्टियां ही चुनाव लड़ेगी, कांग्रेस के साथ गठबंधन नहीं किया जाएगा।

मायावती ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी सांप्रदायिक और जातिवादी पार्टी है। जिसके चलते उत्तर प्रदेश का विकास नहीं हो पा रहा है, देश में हालात भयानक रूप से खराब हो चुके हैं, 1975 की तरह देश में अघोषित आपातकाल की स्थिति है।

इस मौके पर मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों को एक जैसी करार देते हुए कहा कि दोनों ही पार्टियां सांप्रदायिकता पर काम करती है, जातिवाद को बढ़ावा देती है और देश के विकास में कोई काम नहीं करती है, दलितों और पिछड़ों को दरकिनार करने का काम करती है।

अखिलेश यादव की मौजूदगी मायावती ने कहा कि केंद्र की सत्ता में किसी भी सूरत में बीजेपी को दोबारा सत्ता में नहीं आने दिया जाएगा, इसके लिए गठबंधन उत्तर प्रदेश में शुरू किया गया है। उन्होंने कांग्रेस पार्टी के साथ घटना से इनकार कर दिया।

इससे पहले मायावती ने कहा कि 1993 में भी बसपा के तत्कालीन अध्यक्ष कांशीराम और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष मुलायम सिंह यादव के बीच गठबंधन कर उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ा जा चुका है।

गेस्ट हाउस कांड का उल्लेख करते हुए मायावती ने कहा कि बाद में कई गंभीर कारणों के कारण यह गठबंधन टूट गया था, लेकिन 25 साल बाद एक बार फिर से प्रदेश में दोनों पार्टियां साथ रहकर चुनाव लड़ रही है।

अखिलेश यादव ने बताया कि दोनों पार्टियां 38—38 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। इसके अलावा रायबरेली और अमेठी की 2 सीट कांग्रेस के लिए छोड़ी हैं। दो सीटें आरएलडी को दी गई है। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से बेदखल करने के लिए यह गठबंधन किया गया है।

उन्होंने कहा कि बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिए जो भी करना पड़ेगा, वह किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मायावती का किसी ने अपमान किया गया तो वह अखिलेश यादव का अपमान होगा।