वैसे तो मनुष्य के जीवन में बहुत सारे गुरु होते हैं, किंतु कभी-कभी किताबें इतनी बड़ी गुरु साबित होती है कि मनुष्य को किसी व्यक्ति को गुरु बनाने की आवश्यकता नहीं होती है। आइए हम आपको बताते हैं कुछ ऐसे ही किताबों से लिए गए महान बयान-

इंसान को कठिनाइयों की आवश्यकता होती है, क्योंकि सफलता और आनंद उठाने के लिए जरूरी है।

कठिन कार्य करवा लेने के बाद भी नीच व्यक्ति कार्य करवाने वाले का अपमान ही करता है।

अदब सीखना है तो कलम से सीखें, जब भी चलती है, तो सिर झुका कर ही चलती है।

जीभ में हड्डियां नहीं होती है, फिर भी जीभ हड्डियां तुड़वाने की ताकत रखती है।

कोई भी व्यक्ति आपकी अनुमति के बिना आपको दुखी नहीं कर सकता।

जिंदगी में शांति से जीने के दो ही तरीके हैं, माफ कर दो उनको जिनको तुम भूल नहीं सकते और भूल जाओ उनको, जिनका तुम माफ नहीं कर सकते।

जिंदगी में या किसी भी कार्य में सफल होना है, तो अंतिम सांस तक लड़ते रहो।

धन को बर्बाद करने पर आप केवल निर्धन होते हैं, लेकिन समय गंवा देने पर आप जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बर्बाद कर देते हैं।

सेवा में बड़ी शक्ति होती है, उससे खुद भगवान भी वश में हो जाते हैं।

विश्वास जीवन का सफल मूलमंत्र है।

खुशी के लिए काम करोगे तो खुशी नहीं मिलेगी, लेकिन खुश होकर काम करोगे तो तो खुशी और सफलता दोनों मिलेगी।

मुझे मोहब्बत है मेरी सभी उंगलियों से, जाने कौन सी उंगली को पकड़कर मां ने चलना सिखाया था।

यदि मनुष्य सीखना चाहे, तो उसकी प्रत्येक गलती उसको कुछ न कुछ सिखा देती है।

ताकत की जरूरत कुछ बुरा करने के लिए होती है, वरना सब कुछ पाने के लिए प्रेमी काफी है।

खुश रहने का मतलब यह नहीं कि सब कुछ उत्तम है, इसका मतलब यह है कि आपने कमियों से ऊपर उठने का निर्णय ले लिया है।

गलती स्वीकार करने और पाप छोड़ने में कभी देर नहीं करनी चाहिए, क्योंकि सफर जितना लंबा होता है, वापसी उतनी ही मुश्किल होती है।

क्रोध हमेशा मूर्खता से शुरू होता है, और पश्चाताप पर खत्म हो जाता है।

किसी दिन आपके सामने कोई समस्या नहीं आए, तो सुनिश्चित मान लीजिये कि आप गलत मार्ग पर हैं।