Jaipur

राजस्थान विश्वविद्यालय में बीते 7 दिन से लगातार अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना देकर बैठी हुई है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आगे कोठारी ने उनसे मुलाकात नहीं की है और उनके समस्याओं के समाधान के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी कोई कदम नहीं उठाया है।

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लगातार धरने पर बैठी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और उसके बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन के द्वारा किसी तरह का समाधान नहीं करने के बीच में बीती रात को विद्यार्थी परिषद के धरना स्थल पर विरोधी छात्रों के द्वारा मारपीट करने और पोस्टर फाड़ने की रिपोर्ट गांधी नगर थाने में दर्ज करवाई गई है।

राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति इसलिए नहीं मिलते प्रदर्शनकारी छात्रों से 1

विद्यार्थी परिषद के संगठन मंत्री अर्जुन तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है और उसके साथ ही विद्यार्थी परिषद के छात्र नेताओं के साथ रविवार को कुलपति के निवास पर घेराव कर वहां पर वह रिपोर्ट चस्पा कर दी गई।

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एबीवीपी के जिला संयोजक सज्जन कुमार सैनी ने गांधीनगर थाने में FIR दर्ज करवाई है। जिसमें असामाजिक तत्वों द्वारा मारपीट करने एवं ₹2300 की लूटपाट करने पर एवं संगठन के पदाधिकारियों को गाली गलौज करने की बात लिखी है।

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अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर विद्यार्थी परिषद जहां धरने पर है, वहीं आज शाम को 7:00 बजे से एबीवीपी के कुछ छात्र अनशन पर बैठ गए हैं, इसके चलते विश्वविद्यालय में तनाव की स्थिति उत्पन्न होने की संभावना है।

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लगातार 7 दिन से धरना और अनशन होने के बावजूद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरके कोठारी छात्रों से नहीं मिल रहे हैं। प्रोफेसर कोठारी के नहीं मिलने के पीछे क्या कारण है, इस बारे में अभी पुख्ता तौर पर कोई जानकारी सामने नहीं आई है, किंतु जिस तरह की आशंकाएं जताई जाती है।

छात्र नेताओं द्वारा बात की जाती है, चर्चा की जा रही है, उससे स्पष्ट है कि कुलपति छात्रों से सामना करने से डरे हुए हैं।

आपको याद दिला दें कि 2010 से 2013 तक कुलपति रहे डॉक्टर देवस्वरूप छात्रों द्वारा प्रदर्शन करने, धरना देने और अनशन करने पर खुद कुलपति सचिवालय से बाहर आकर मिलते थे और उनकी सारी समस्याओं को सुनकर, उसका समाधान करते थे और समाधान करने के लिए आश्वासन देते थे।

लेकिन वर्तमान कुलपति का कार्यकाल अब तक 25 महीने का पूरा हो चुका है, बावजूद इसके कुलपति प्रोफेसर को कोठारी एक बार भी किसी छात्र नेता से या छात्रा आंदोलन में खुद सामने आकर समस्या का समाधान करने के लिए आगे नहीं बढ़े हैं।

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विद्यार्थी परिषद के छात्र नेता सज्जन कुमार सैनी का कहना है कि प्रोफेसर आरके कोठारी हमारी समस्याओं को लेकर पूरी तरह से आंख मूंद कर बैठे हुए हैं, जबकि सभी जायज मांगों को लेकर विद्यार्थी परिषद लगातार प्रदर्शन कर रही है।

एक ने छात्र नेता अमित कुमार का कहना है कि विश्वविद्यालय के कुलपति छात्रों की समस्याओं के समाधान करने के लिए भी होते हैं, न केवल प्रशासनिक तौर पर काम करने के लिए, बावजूद इसके राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति का नहीं मिलना विश्वविद्यालय के लिए उचित नहीं कहा जा सकता।

25 महीने में एक भी बार छात्रों की समस्याओं से रूबरू नहीं होने के कारण प्रोफेसर आरके कोठारी आज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के निशाने पर हैं, और इसके चलते विद्यार्थी परिषद उनको हटाने तक की मांग पर करने लगी है।

इससे पहले एनएसयूआई की तरफ से भी 1 दिन का अनशन किया गया था। जिसमें कुलपति पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए उनको तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की गई थी।

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तब प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने आश्वासन दिया था, कि विधानसभा में विलय संशोधित करवाकर उसके बाद कुलपति को हटाया जाएगा।

दरअसल राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति के छात्र नेताओं से नहीं मिलने के पीछे कई तर्क हैं, लेकिन एक बात यह भी कही जाती है कि कुलपति जब छात्रों से मिलते हैं तो इससे उनका प्रोटोकोल टूटता है, जबकि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं बनाए रखने के लिए कुलपति के अर्दली के तौर पर चीफ प्रॉक्टर काम करते हैं।

विश्वविद्यालय में कुलपति के सचिवालय के बाहर जब भी छात्र नेता प्रदर्शन करते हैं तो हर बार चीफ प्रॉक्टर और प्रॉक्टर बोर्ड के सदस्य ही बाहर आकर उसका समाधान करते हैं।

वजह चाहे जो भी रहे, लेकिन विश्वविद्यालय के कुलपति द्वारा छात्रों से नहीं मिलने पर असंतोष बढ़ता है और इससे वाइस चांसलर की गरिमा भी कम होती है।