New delhi

भारतीय जनता पार्टी की फायर ब्रांड सांसद और केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी अमेठी को अपना परमानेंट घर बनाने के लिए जुटी हुई हैं।

अमेठी पिछले 15 साल से कांग्रेस के के निवर्तमान अध्यक्ष राहुल गांधी की कर्म स्थली रही है, लेकिन जिस तरह से मई महीने में हुए लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने अमेठी जीतकर कांग्रेस की कमर तोड़ी।

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उसके बाद साफ हो गया है कि अमेठी अब कांग्रेस के लिए परंपरागत सीट नहीं रह गई है। हर सप्ताह स्मृति ईरानी अमेठी पहुंच रही है और यहां पर वह महिलाओं की गोद भराई से लेकर बच्चों को पहला निवाला तक खिला रही है।

टेलीविजन की बहु कहे जाने वाली स्मृति ईरानी अब अमेठी की नई दीदी बन गई हैं। कांग्रेस की परंपरागत सीट अमेठी को हमेशा के लिए भाजपा की बनाने में जुटी स्मृति ईरानी 6 जुलाई को “दीदी आपके द्वार” प्रोग्राम के तहत चौपाल लगाई।

इस कार्यक्रम में करीब 80 समस्याएं सामने आई थीं। इससे पहले 23 जून 2019 को भी स्मृति ईरानी ने अन्नप्राशन का कार्यक्रम शुरू किया था।

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स्मृति ईरानी ने अपने हाथों से बच्चों को पहली बार अन्न खिलाने का काम करके लोगों से जुड़ने का प्रयास किया। उसी दिन महिलाओं की गोद भराई का कार्यक्रम भी रखा गया और उनकी पूजा की गई। स्मृति ईरानी ने महिलाओं को मेवे भी गिफ्ट किए।

इस कार्यक्रम में स्मृति ईरानी ने गोद भराई के लिए करीब 25 महिलाओं के साथ ही अन्नप्राशन में 10 बच्चों को भी शामिल किया। आपको बता दें कि अमेठी कांग्रेस के लिए बहुत बड़ी सीट है।

1980 के दशक से ही यह सीट गांधी परिवार की रही है। पिछले 30 सालों में यूपी में चाहे जो भी सरकारी रही हो, लेकिन अमेठी हमेशा कांग्रेस के हाथ में रही।

लोकसभा चुनाव में यूपी की अमेठी और रायबरेली ऐसी सीट हैं, जो कांग्रेस की परंपरागत सीट बन गई।

स्मृति ईरानी ने अमेठी में टैक्सटाइल लगाने का काम भी शुरू कर दिया है। इसके साथ ही 2 महीने में रेलवे परियोजनाओं से दूर स्मृति ईरानी ने 30 करोड़ 27 लाख की लागत से यहां पर 62 प्रोजेक्ट लोकार्पण और शिलान्यास किया।

केंद्रीय कपड़ा मंत्री ने 23 मई 2019 को अमेठी में जीत दर्ज करने के दो दिन बाद ही उनके एक करीबी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद स्मृति ईरानी उनके घर पहुंचकर लोगों में अपनापन जताने जाहिर करने पहुंच गई।

मृतक के परिवारजनों को उन्होंने न केवल सांत्वना दी, बल्कि मृतक की अर्थी को कंधा देकर लोगों के दिलों में भी जगह बनाने में कामयाबी हासिल की।

स्मृति ईरानी ने रेलवे प्रोजेक्ट की प्रगति के लिए केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को भी पत्र लिखकर जल्द से जल्द काम शुरू करने को कहा है।

भले ही अमेठी में पिछले 30 साल से कांग्रेस शासन कर रही हो, लेकिन इस दौरान उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव, मायावती और अखिलेश यादव की सरकार यूपी में रही हैं।

साल 2019 में अमेठी लोकसभा चुनाव जीतकर समिति ने संदेश दे दिया है कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार साथ नहीं होगी तो भी कांग्रेसी सीट नहीं जीत सकेगी।

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अमेठी लोकसभा के स्थानीय लोगों का कहना है कि साल 2014 में लोकसभा चुनाव हारने के बाद स्मृति ईरानी ने इस क्षेत्र को भाजपा संगठन और विकास कार्यों में रुचि लेकर जीत की नींव रखी थी।

अमेठी लोकसभा का दौरा किया और कार्यकर्ताओं से संपर्क जारी रखा। इसी का कारण है कि 2019 में स्मृति ईरानी को अमेठी से बड़ी जीत हासिल हुई।