अलवर/जयपुर।
राजस्थान के अलवर जिले में गोतस्कर पहलू खान की कथित तौर पर भीड़ के द्वारा पीटकर हत्या करने के मामले में कोर्ट के फैसले के खिलाफ राज्य की अशोक गहलोत सरकार ने जांच एसआईटी से करवाने का फैसला किया है।

करीब दो साल पहले हुये इस हत्याकांड़ पर पांच दिन पहले ही अलवर की अदालत ने सभी 6 आरोपितों को बरी कर दिया था। जिसके बाद सरकार ने जांच एसआईटी से करवाने और उच्च न्यायलय में अपील करने की बात कही थी।

किंतु सरकार की दोहरी नीति का पर्दा इस बात से उठा जाता है कि उसी अलवर जिले में मॉब लिंचिंग में मारे गये हरीश जाटव की मौत पर गहलोत सरकार चुप्पी साधकर बैठी है। खास बात यह है कि आरोपियों द्वारा धमकियों से परेशान होकर मृतक हरीश के पिता रतीराम ने भी अपनी जान दे दी।

राज्य सरकार ने अभी तक इस मामले में कोई बड़ी जांच का ऐलान नहीं किया है, जबकि पहलू खान के मामले में सरकार खुद पक्षकार बनी हुई है। प्रकरण के लेकर भाजपा सांसद और विधायकों ने जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक के साथ टपूकड़ा के उच्च माध्यमिक विद्यालय में बात की, लेकिन समाधान नहीं निकला है।

मृतक हरीश जाटव की विधवा गर्भवति पत्नी धरने पर बैठी हैं और उनकी मांग के अनुसार बच्चों के भरण पोषण, विधवा को आंगनबाड़ी में काम देने की मांग की है। बावजूद इसके राज्य सरकार टस से मस नहीं हो रही है, जबकि पहलू खान को लेकर सरकार तमाम कदम उठा रही है।