-मिसाल में सीकर 13वीं बार ”बेमिसाल”, ‘मिसाल’ डिस्ट्रिक हैल्थ रेंकिंग: स्वास्थ्य मानकों में 57.50 स्कोर प्राप्त सीकर जून माह में भी प्रदेश भर में शिखर पर
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिलों के कार्य के आधार पर जारी की मिसाल रैंकिंग।

सीकर।

सीकर जिला आमजन को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सीय सेवाएं व सुविधाएं उपलब्ध कराने में प्रदेश भर में सिरमौर बना हुआ है।

चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्वास्थ्य मानकों को मंगलवार को हुई वीडियो कान्फ्रेंस में जारी की गई रैकिंग में सीकर जिला फिर से पहले स्थान पर रहा है।

यह 13वीं बार है, कि सीकर जिला स्वास्थ्य मानको में प्रदेश भर में शिखर पर है। इससे पहले भी मई माह में जारी की गई रैकिंग में भी सीकर पहले पायदान पर था।

मंगलवार को हुई वीडियो कान्फ्रेंस में निदेशक जन स्वास्थ्य डाॅ. वीके माथुर व अन्य उच्चाधिकारियों ने चिकित्सा विभाग की योजनाओं व गतिविधियों की समीक्षा करते हुए मिसाल रैकिंग जारी की, जिसमें सीकर जिला राज्य में पुनः प्रथम स्थान पर। अजमेर दूसरे और झुंझुनूं तीसरे स्थान पर रहा।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अजय चौधरी ने बताया कि जिलेवार ‘‘स्वास्थ्य रैकिंग, जून 2019’’ (मिसाल) में सीकर जिले ने मई माह के स्कोर के मुकाबले 14.53 स्कोर की छलांग लगाकर सर्वोच्च 57.50 स्कोर प्राप्त कर सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया है, जो अभी तक प्रदेशभर में प्राप्त किया गया सर्वोच्च स्कोर है।

अजमेर ने 48.45 स्कोर प्राप्त कर दूसरा एवं झुंझुनूं जिला 48.32 स्कोर प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रहा। उन्होंने बताया ने कि सीकर जिले ने आमजन को बेहतरीन व गुणवत्तापूर्व सेवाएं उपलब्ध कराने के सभी स्वास्थ्य इंडिकेट्र्स में सर्वोच्च स्कोर प्राप्त किया है।

डॉ. अजय चौधरी के नेतृत्व में सीकर ने लगाई 14.53 स्कोर की छलांग 1

गोल्ड केटेगरी के दस जिलों में सीकर सिरमौर

सीएमएचओ डाॅ चौधरी ने बताया कि विभाग की ओर से मिसाल रैकिंग की तीन श्रेणियों बनाई गई है, जिसमें सबसे पहली गोल्ड केटेगरी है, जिसमें सीकर जिला सिरमौर बना हुआ है।

सीकर के अलावा गोल्ड कैटेगरी में अजमेर, झुंझुनूं, झालावाड, कोटा, धोलपुर, श्रीगंगानगर, चितौडगढ, हनुमानगढ व राजसमंद स्थान बनाने में कायमयाब रहे हैं।

डॉ. अजय चौधरी के नेतृत्व में सीकर ने लगाई 14.53 स्कोर की छलांग 2

ब्लाॅक स्तरीय रैकिंग में टाॅप दस में सीकर के तीन ब्लाॅक

ब्लाॅक स्तरीय मिसाल रैकिंग में भी सीकर जिले के तीन ब्लाॅक टाॅप दस में स्थान बनाने में कामयाब रहे हैं। जिले का कूदन ब्लाॅक 41.00 स्कोर प्राप्त कर प्रदेश भर में दूसरे स्थान पर रहा है।

वहीं दांता ने 39.01 स्कोर प्राप्त कर पांचवें और फतेहपुर ब्लाॅक 48.40 स्कोर प्राप्त कर सातवें स्थान पर रहा हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ चौधरी ने संबंधित बीसीएमओ व उनकी टीम को इसका श्रेय देते हुए उनको सभी को बधाई दी है।

डॉ. अजय चौधरी के नेतृत्व में सीकर ने लगाई 14.53 स्कोर की छलांग 3

एक सीएचसी व दो पीएचसी भी प्रदेशभर में अव्वल

विभाग की स्वास्थ्य मानको को लेकर जारी की गई रैकिंग में सीकर जिले के एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ने सीएचसी स्तर और दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों ने पीएचसी स्तर पर टाॅप दस में स्थान बनाया है।

सीएमएचओ डाॅ चौधरी ने बताया कि सीएचसी स्तर की रैकिंग में लक्ष्मणगढ ब्लाॅक के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नेछवा ने 81.13 स्कोर प्राप्त कर गोल्ड श्रेणी में सातवां स्थान प्राप्त किया है।

वहीं पीएचसी स्तर की रैकिंग में लक्ष्मणगढ ब्लाॅक के गनेडी पीएचसी ने 92.77 स्कोर प्राप्त कर प्रदेश भर में दूसरे स्थान प्राप्त किया है, जबकि कूदन ब्लाॅक की फतेहपुरा पीएचसी ने 92.53 स्कोर प्राप्त कर प्रदेश भर में पांचवा स्थान प्राप्त किया है।

डॉ. अजय चौधरी के नेतृत्व में सीकर ने लगाई 14.53 स्कोर की छलांग 4

जिले के अधिकारी भी रैकिंग में बेमिसाल

विभाग की ओर से जिला स्तरीय अधिकारियों के कार्य को लेकर जारी की गई रैकिंग में भी चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग सीकर के जिला स्तरीय अधिकारी प्रदेशभर में अव्वल रहे हैं।

वहीं प्रदेश भर के उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) में सीकर के उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (स्वास्थ्य) डाॅ सीपी ओला ने प्रदेश भर में पहला स्थान प्राप्त किया है।

अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (परिवार कल्याण) डाॅ लक्ष्मणसिंह ओला ने प्रदेश भर में पांचवां स्थान प्राप्त किया।

विभाग की ओर से जारी की गई रैकिंग में सीकर के जिला प्रजनन एवं शिशुु स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ निर्मलसिंह प्रदेश भर में दूसरे स्थान रहे हैं। वहीं प्रदेशभर के जिला क्षय रोग अधिकारियों की रैकिंग में सीकर के डाॅ विशाल सिंह ने नौवां स्थान प्राप्त किया।

मापदंड की ये हैं तीन श्रेणियां

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ अजय चौधरी ने बताया कि स्वास्थ्य मापदंड रैकिंग में 3 श्रेणियों में स्वास्थ्य इंडिकेट्र्स की ग्रुपिंग की गई।

प्रथम ग्रुप (इनपुट प्रोसेस) में 20 प्रतिशत वेटेज निर्धारित किया गया, जिसमें दवाइयों की उपलब्धता, जांच सुविधा, डॉक्टर्स की उपस्थिति, संस्थागत प्रसव, पूर्ण टीकाकरण एवं जीवित जन्म आदि इंन्डिकेट्र्स शामिल गए, जिनमें सीकर जिले ने सभी पेरामीट्र्स में सर्वोच्च स्कोर प्राप्त कर 12वीं बार प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

इसी प्रकार द्वितीय (इंटरमीडिएट ऑउटकम) में 55 प्रतिशत वेटेज निर्धारित किया गया। इसमें संस्थागत प्रसव प्रतिशत, कम वजन वाले नवजात शिशु जन्म प्रतिशत, एएनसी तृतीय एवं चतुर्थ कवरेज, जांचे, एएनसी रजिस्ट्रेशन, परिवार कल्याण में आई.यू.सी.डी., पी.पी.आई.यू.सी.डी., एन.सी.डी. में हाईपरटेंशन, डायबिटिज, गैर संचारित रोग, संचारित रोग में मलेरिया ब्लड स्लाइड टारगेट, डेंगू, न्यूमोनिया, डायरिया, टी.बी. केस नोटिफिकेशन रेट, एचआईवी रोगियों का ए.आर.टी. सेंटर उपचार, भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना जैसे इंडिकेटर शामिल किए गए हैं।

इन सभी इंडिकेटर में सीकर जिले ने सर्वाच्च स्कोर प्राप्त किया। इसीजी प्रकार तृतीय गु्प (आउटकम) का 25 प्रतिशत वेटेज निर्धारित किया गया। इसमें शिशु एवं मातृ मृत्यु दर 5 साल से कम मृत्यु दर, एसएनसीयू एवं पूर्ण टीकाकरण कवरेज, रोगी संतुष्टिकरण स्कोर आदि शामिल किए गए।

मौसमी बीमारियां की रोकथाम के पुख्ता प्रबंध करें

सीएमएचओ डाॅ चौधरी ने सभी बीसीएमओ व चिकित्सा अधिकारियों को बदलते मौसम को देखते हुए मौसमी बीमारियों की रोकथाम के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के पाॅजीटिव केस पाए जाने पर 50 घरों का सर्वे करवाने के साथ एंटी लार्वा गतिविधियां करवाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जुलाई माह में स्कूलें शुरू हो जाएगी।

स्कूलों में आरबीएसके टीम व स्वास्थ्य कर्मियों को भेजकर लार्वा का डेमोटेशन करवाने के साथ बच्चों व शिक्षकों को सफाई व घरों में रखे गमलो, कूलर आदि की समय समय पर सफाई के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बुखार से पीडित आने वाले रोगियों की रक्त स्लाइड लेकर जांच करवाने के निर्देश दिए। वीडियो कान्फे्रस में क्षय रोग, एनसीडी, टीकाकरण, लेबर रूम, संपर्क पोर्टल, आरबीएसके आदि कार्यक्रमों की समीक्षा की गई।

ये थे मौजूद

वीडियो कान्फ्रेंस में पीएमओ डाॅ अशोक चौधरी, अतिरिक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ लक्ष्मणसिंह ओला, उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ सीपी ओला, जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ निर्मल सिंह, जिला क्षय रोग निवारण अधिकारी डाॅ विशाल सिंह, जनाना अस्पताल के प्रभारी डाॅ बीएल राहड सहित कई कार्मिक मौजूद थे।