-विधानसभा चुनाव में सेवादल को मिली थी 25 सीटों पर जिताने की जिम्मेदारी, 17 सीटों पर हार का क्रम बरकरार।

जयपुर।

विधानसभा चुनाव में जिन 25 सीटों पर जिताने का जिम्मा कांग्रेस सेवादल को किया दिया गया था, उन सीटों पर पार पाना कांग्रेस सेवादल के लिए आसान नहीं रहा है।

कांग्रेस सेवादल केवल 25 में से 7 सीटें ही जिताने में कामयाब रही, जबकि एक सीट पर गठबंधन प्रत्याशी को जीत मिली है।

हालांकि सेवादल इसे ही अपने लिए बड़ी उपलब्धि मान रहे हैं कि उन्होंने 8 सीटों पर पार्टी को जीत दिलाई।

जानकारों की माने तो कांग्रेस अध्यक्ष सेवादल से इस मामले में सवाल जवाब कर सकते हैं। इस माह के आखिर में होने वाली अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक होने जा रही है, जिसमें कांग्रेस अध्यक्ष इस मामले में बात कर सकते हैं।

दरअसल विधानसभा चुनाव से दो माह पहले ऐसी 25 सीटों का खाका तैयार किया गया था, जहां पार्टी को लगातार हार का सामना करना पड़ रहा था।

25 में से 16 सीटें ऐसी थीं जहां पार्टी को लगातार तीन बार और 4 सीटें ऐसी थी जहां लगातार चार बार हार का सामना करना पड़ रहा था।

इसके अलावा जयपुर जिले की सांगानेर और किशनपोल विधानसभा सीटों पार्टी लगातार तीन बार चुनाव हारती आ रही थी।

सांगानेर में इस बार भी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा पाली और बाली विधानसभा सीटों से कांग्रेस को लगातार चार बार हार का सामना करना पड़ा।

वहीं दौसा में लगातार 6 बार भीलवाड़ा की आसींद विधानसभा सीट पर लगातार 5 बार पार्टी प्रत्याशियों की हार हुई।

प्रशिक्षण के बावजूद हार
बताया जाता है कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इन 25 सीटों पर जीत दिलाने की जिम्मेदारी अखिल भारतीय कांग्रेस सेवादल को थी।

इन विधानसभा क्षेत्रों में सेवादल कार्यकर्ताओं को किस प्रकार काम करना है, इसके लिए तीन दिन का प्रशिक्षण कैम्प भी आयोजित किया गया था, जिसमें कई राज्यों के सेवादल कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग दी गई थी।

ट्रेनिंग के दौरान वर्करों को बूथ मैनेजमेंट, डोर टू डोर जनसंपर्क और नुक्कड़ नाटकों पर खास फोकस करने का प्रशिक्षण दिया गया था।

ट्रेनिंग के बाद 15- 15 लोगों की टीमों को इन विधानसभा क्षेत्रों में भेजा गया था।
जयपुर जिले की इन सीटों पर मिली जीत
कांग्रेस सेवादल को जिन 25 सीटों को जिताने की जिम्मेदारी दी गई थी, उनमें जयपुर जिले की विराट नगर, झोटवाड़ा, किशनपोल, आदर्श नगर सीट भी जहां पार्टी को इस बार जीत मिली है। इससे पहले इन सीटों पर दो बार से पार्टी की हार हो रही थी।

इन आठ सीटों पर टूटा हार का क्रम
सेवादल को जिन 25 सीटों की जिम्मेदारी गई थी, इनमें से उस केवल आठ ही सीटों पर सफलता मिला है, उनमें झोटवाड़ा, विराट नगर, किशनपोल, केकड़ी, मसूदा, दौसा, बांदीकुई और भरतपुर हैं।

इन सीटों पर हार बरकरार
बाली-6, आसींद-6, पाली-5, उदयपुर-4, राजसमंद-4, लाड़पुरा-4, थानागाजी-4, ब्यावर-4, नागौर-4, सूरसागर-4, सोजत-4, सांगानेर-4, रेवदर-4, श्रीगंगानगर-4, रामगंजमंडी-4, विद्याधर नगर-3 हार का क्रम बरकार है।