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जम्मू कश्मीर से बड़ी खबर सामने आई है देर रात केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के सभी स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए हैं।

यहां के तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को घरों में कैद कर दिया गया है। पूरे प्रदेश में इंटरनेट बंद कर दिया गया है और धारा 144 लगा दी गई है।

इससे पहले रविवार को जम्मू कश्मीर की पुलिस को सेटेलाइट फोन दिए गए थे, तभी से लग रहा था कि देर रात को प्रदेश में इंटरनेट को बंद कर दिया जाएगा।

रविवार को ही जम्मू-कश्मीर के तीन पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्लाह, उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के साथ ही अन्य सभी दलों के नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक हुई थी।

उसके बाद रात करीब 8:00 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई, जिसमें इन नेताओं ने कई तरह की आशंकाएं जताई थी। तभी से यह माना जा रहा था कि देर रात से जम्मू कश्मीर में केंद्र सरकार कोई बड़ा कदम उठा सकती है।

रात को 12:00 बजे केंद्र सरकार ने इंटरनेट की पाबंदी, स्कूल-कॉलेजों के अस्थाई तौर पर बंद करने और सभी तीनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को नजरबंद करने का फैसला लिया।

इसके साथ ही पूरे राज्य में धारा 144 लगा दी गई है। 1954 में जब जम्मू कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देते हुए धारा 370, 35a लगाई गई थी, तब से लेकर अब तक पहली बार राज्य में इतने बड़े पैमाने पर कदम उठाया गया है।

कल ही केंद्र सरकार के निर्देश के बाद राज्य में 25000 सैनिक और डिप्लाई किए गए हैं। सूत्रों के मुताबिक जम्मू-कश्मीर की में चप्पे-चप्पे पर सेना, अर्धसैनिक बल, बीएसएफ, सीआईएसएफ समेत जम्मू कश्मीर की पूरी पुलिस तैनात है।

पूरे राज्य को हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है। पड़ोसी मुल्क की तरफ से जम्मू कश्मीर में भारत सरकार के द्वारा कोई बड़ा कदम उठाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

दूसरी तरफ मुस्लिम देशों के संगठन ने कश्मीर की समस्या को लेकर चिंता जाहिर की है। प्रदेश के सभी अलगाववादी नेताओं को पहले से ही नजरबंद किया जा चुका है।

ऐसे में कश्मीर में केंद्र सरकार आज या कल में बड़ा फैसला ले सकती है। अब से कुछ ही देर बाद नरेंद्र मोदी के अध्यक्षता में केंद्र सरकार की कैबिनेट बैठक होने की संभावना है।