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-अपनों को फायदा देने के लिए किया कारनामा, कई तरह की अनियमितताओं की शिकायतों के बावजूद नहीं किया जा रही जांच।

जयपुर।
राजस्थान सरकार के पंचायती राज के अंतर्गत आने वाले राजस्थान आजीविका विकास परिषद की ओर से राजस्थान आजीविका मिशन में हाल ही में हुई भर्ती में घोटाला होने की संभावना जताई गई है।
30 हजार रुपए मासिक सेलेरी वाली इस भर्ती के लिए 2600 उम्मीदवार परीक्षा में बैठे थे। आजीविका मिशन के तहत 121 पदों पर भर्ती में कई गंभीर आरोप लगाते हुए इसे घोटाला बताया गया है। इनमेें से 75 पद क्लस्टर के हैं।
इस भर्ती को लेकर एक दर्जन से ज्यादा अभ्यर्थियों ने पंचायती राज मंत्री राजेंद्र सिंह राठौड़ को शिकायतें दी हैं।
अभ्यर्थियों का आरोप हैं कि इस परीक्षा के लिए न केवल ऐल वक्त पर समय बदला गया, बल्कि मार्किंग करने का तरीका, साक्षात्कार का समय और आन्सर की भी जारी नहीं की गई।
यहां तक कि उम्मीदवारों के पूछने के बावजूद किसी को अंक नहीं बताए गए। इस मामले को लेकर उम्मीदवारों ने गहरी नाराजगी जाहिर की है।
मामले में पंचायती राज मंत्री राठौड़ से शिकायत की गई है कि दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाए और साथ इस परीक्षा को फिर से करवाया जाए, ताकि उनके अधिकारों पर कुठाराघात नहीं हो।
-23 अगस्त को परीक्षा हुई। जिसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता पोस्ट ग्रेज्युएशन और कम से कम तीन साल का अनुभव होना चाहिए था। किंतु जिस दिन परीक्षा थी, उसी दिन शैक्षणिक योग्यता को घटाकर ग्रेज्युएशन कर दिया गया। साथ ही अनुभव को भी 3 के बजाए 2 साल कर दिया गया।
-भर्ती विज्ञप्ति में उत्तर गलत होने पर प्रत्येक प्रश्न पर 1/4 अंक काटने का नियम था, किंतु परीक्षा के दिन ही इसको बदलकर वेबसाइट पर नेगेटिव मार्किंग नहीं होना बता दिया गया।
-25 अगस्त को अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्ट जारी की गई, लेकिन किसी को भी न्यूनतम अंक या प्राप्तांक भी नहीं बताए गए। अभ्यर्थियों के पूछने के बाद भी उनको प्राप्तांक नहीं बताए गए।
-चयनित अभ्यर्थियों को सूची के साथ 26 अगस्त को सुबह साक्षात्कार के लिए बुलाया गया। 297 चयनितों में से कईयों को 27 और 28 अगस्त को भी आना था, लेकिन अचानक 25 अगस्त की रात को साक्षात्कार का समय बदलकर 26 अगस्त सुबह 9.30 कर दिया गया। इससे बाहरी जिलों से आने वाले उम्मीदवार इंटरव्यू में शामिल ही नहीं हो पाए।
-शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थियों की सूची में आरक्षण की जानकारी नहीं दी गई। इससे साफ है कि आरक्षण के नियमों का घोर उल्लंघन किया गया।
इनका कहना है-
इसकी शिकायतें मिली हैं, मुझे समय नहीं मिला है, इसकी अभी जांच करुंगा। उसके बाद ही कुछ बता पाउंगा।
सुरेंद्र सिंह, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, आजीविका मिशन

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