पहली सूची में उम्मीदवार घोषित होता था सांगानेर सीट पर, लेकिन बीजेपी दो सूची में भी अपना प्रत्याशी तय नहीं कर पाई है, यह है असली कारण-

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जयपुर।

भाजपा ने राजस्थान विधानसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की घोषणा करने का क्रम चालू कर रखा है। पार्टी ने अब तक दो सूचियों में 162 उम्मीदवारों की घोषणा कर चुकी है। पार्टी की अंतिम सूची, जो कि 38 प्रत्याशियों की होगी, जल्द जारी होने की उम्मीद है।

बताया जा रहा है कि अगले दो दिन के भीतर भाजपा अपने सभी उम्मीदवारों की घोषणा कर देगी। इस बीच चर्चा का विषय बन गई है सांगानेर की विधानसभा सीट। यह सीट बीते 15 साल से लगातार भाजपा के पास है। पार्टी के विधायक रहे हैं घनश्याम तिवाड़ी।

तिवाड़ी इस बार भाजपा छोड़कर खुद की भारत वाहिनी पार्टी बना चुके हैं। ऐसे में बीजेपी अपना उम्मीदवार ही नहीं उतार पा रही है। पार्टी की दो सूचियां जारी होने के बाद भी भाजपा का सांगानेर से प्रत्याशी तय नहीं हो पाया है।

ऐसे में कई सवाल खड़े हो रहे हैं, लेकिन खुद घनश्याम तिवाड़ी दो दिन पहले ही अपनी पार्टी, भारत वाहिनी पार्टी से नामांकन दाखिल कर चुके हैं। भाजपा की सूची में नाम नहीं होने के बाद आज फिर से भाजपा में इस सीट को लेकर दावेदारियां तेज हो गई है।

बीजेपी पदाधिकारियों में चर्चा के अनुसार भाजपा के शहर अध्यक्ष संजय जैन को यहां से टिकट दिया जा सकता है। जातीय समीकरणों पर गौर करें तो भी संजय जैन मजबूत दावेदार बनते नजर आ रहे हैं। घनश्याम तिवाड़ी के साथ ब्राह्मण ही नहीं, बल्कि जाट और अन्य जातियां भी साथ हैं, जिसके चलते कांग्रेस को उम्मीदवार उताने में काफी परेशानी होगी।

कांग्रेस में धर्मसिंह सिंघानिया, पुष्पेंद्र भारद्वाज, सुरेश मिश्रा समेत करीब आधा दर्जन उम्मीदवार टिकट की दौड़ में हैं। विवि के छात्रसंघ अध्यक्ष रह चुके पुष्पेंद्र सिंह नए हैं, तो धर्मसिंह निगम में उपनेता प्रतिपक्ष के तौर पर काफी मजबूत हैं। सुरेश मिश्रा 2008 में यहां से चुनाव हार चुके हैं। लेकिन अभी सूची नहीं आई है, जिसके चलते भाजपा भी अपना उम्मीदवार उतारने से हिचकिचा रही है।
यदि कांग्रेस भी यहां से किसी ब्राह्मण को उम्मीदवार बनाती है तो भाजपा संजय जैन को अपना प्रत्याशी बना सकती है। ब्राह्मण वोट बैंक में भाजपा सेंधामारी नहीं कर बणिया समुदाय पर फोकस कर संजय जैन को मैदान में उतार सकती है।

अगर कांग्रेस भी ब्राह्मण उम्मीदवार को टिकट देती है, तो भाजपा के लिए संजय जैन नए और उर्जावान चेहरे के तौर पर दमदार साबित हो सकते हैं। उनके नाम पर सभी बणिया-ब्राह्मण वोटर एक हो सकते हैं। कांग्रेस अगर किसी जाट, गुर्जर या अन्य को उतारती है तो भी संजय जैन जिताउ की भूमिका में रह सकते हैं।

लगातार तीन बार से पहली सूची में सांगानेर का नाम आता रहा है, लेकिन पहली बार भाजपा अपनी दो सूचियों में इस हॉट सीट से प्रत्याशी का नाम तय नहीं कर पा रही है, जो कहीं न कहीं तिवाड़ी के कद से प्रभावित माना जा रहा है। संजय जैन के अलावा सांसद रामचरण बोहरा भी दम लगा रहे हैं, लेकिन उनके व तिवाड़ी के बीच जारी रही जंग के चलते बोहरा का पलड़ा कमजोर पड़ता नजर आ रह है।

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