RLP Tyers hanuman beniwal
RLP Tyers hanuman beniwal

जयपुर।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को जल्द ही क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिलेगा। इसके साथ ही पार्टी को स्थाई चुनाव चिन्ह भी अलॉट किया जाएगा।

बता दें कि अभी रालोपा के पास न तो स्थाई चुनाव चिन्ह है और न ही उसको क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है। जिसके कारण अभी लोकसभा चुनाव में पार्टी को बोतल की जगह टायर्स का चुनाव चिन्ह दिया गया था।

पार्टी के मुखिया हनुमान बेनीवाल ने इस बात की जानकारी देते हुए बताया कि है कि चुनाव आयोग में दो तरह के राजनीतिक दल होते हैं।

पहला होता है मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल, और दूसरा होता है गैर मान्यता प्राप्त रजिस्टर्ड पॉलिटिकल पार्टी।

इन दलों को चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रीय और क्षेत्रीय दल के तौर पर मान्यता मिलती है। आज की तारीख में देश में 6 राष्ट्रीय और 58 क्षेत्रीय दल हैं।

बेनीवाल की RLP अभी देश के लगभग 2200 से अधिक गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत राजनीतिक दलों में एक है, किंतु जल्दी रालोपा को क्षेत्रीय दल का दर्जा मिल जाएगा।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय स्तर के राजनीतिक दल की मान्यता के लिए 3 में से एक शर्त को पूरा करना आवश्यक होता है है।

ऐसी पार्टी, जो राष्ट्रीय स्तर का दल बनना चाहता है, उसके लिए 3 राज्यों में कम से कम 2 फीसदी लोकसभा सदस्य होना जरूरी है।

इसके साथ ही दूसरी शर्त यह है कि 4 लोकसभा सदस्यों के साथ ही कम से कम 4 राज्यों में उस दल को न्यूनतम 6 प्रतिशत वोट मिले होने चाहिए।

इसके अलावा यदि किसी पार्टी ने 4 या 4 से ज्यादा राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा होने पर उस पार्टी को चुनाव आयोग द्वारा राष्ट्रीय दल की मान्यता मिलती है।

इसी तरह से किसी भी राजनीतिक दल को क्षेत्रीय दल की मान्यता के लिए किसी भी राज्य की विधानसभा चुनाव में वहां की कुल सीटों का कम से कम 3 प्रतिशत सीटों पर जीत हासिल किया हुआ होना आवश्यक है। मतलब यह है कि कम से कम 3 सदस्य होने चाहिए।

इसी तरह से राज्य की प्रति 25 लोकसभा सीटों में से एक सीट पर जीत मिली होनी चाहिए। अथवा पार्टी को लोकसभा और विधानसभा के चुनाव में कम से कम 6 फीसदी वोट मिले हों।

इसी तरह से राज्य में एक लोकसभा और 2 विधानसभा सदस्य चुनाव जीते हुए होने चाहिए। ऐसे दल को क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिलता है।

चूंकि राजस्थान में RLP के पास नागौर से हनुमान बेनीवाल के तौर एक लोकसभा सांसद हैं। जबकि खींवसर को छोड़कर भी भोपालगढ़ और मेड़ता सिटी से 2 विधायक हैं। यह आंकड़ा रालोपा को क्षेत्रीय दल की मान्यता दिलाने के लिए पर्याप्त है।