Jaipur

हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी स्थानीय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस को चित्त कर सकती है।

कहा जा रहा है कि दोनों ही पार्टियों का खेल बिगाड़ने के लिए राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी और बहुजन समाज पार्टी तेजी से तैयारियां कर रही है।

दोनों ही दलों के द्वारा जमीनी स्तर पर बहुत तेजी से स्थानीय चुनाव के लिए कवायद शुरू की जा चुकी है।

यहां तक कि हनुमान बेनीवाल की रालोसपा के द्वारा उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

बताया जा रहा है कि विधानसभा चुनाव से ठीक 20 दिन पहले बनी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी राजस्थान के आधे जिलों में अपने उम्मीदवार मजबूती के साथ उतारेगी।

इसके साथ ही मायावती की बहुजन समाज पार्टी भी जयपुर, अलवर, भरतपुर, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, दौसा, चूर, सीकर में अपनी स्थिति को मजबूत करने में जुटी हुई है।

आपको बता दें कि विधानसभा चुनाव में हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने 57 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे, जिनमें से 3 सीटों पर जीत दर्ज की थी।

इसके बाद लोकसभा चुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का बीजेपी के साथ गठबंधन हुआ और नागौर की लोकसभा सीट कुल हनुमान बेनीवाल ने जीतकर इतिहास रचने में कामयाबी हासिल की थी।

हाल ही में जोधपुर के ओसियां विधानसभा क्षेत्र के 25 नंबर वार्ड पर हुए उपचुनाव में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को करारी शिकस्त दी है, जिससे साफ है कि स्थानीय चुनाव में रूपा बड़ी भूमिका निभाने जा रही है।

बताया जा रहा है कि रालोपा के द्वारा राजस्थान के सीकर, झुंझुन, नागौर, चूरू, अजमेर, जयपुर, बीकानेर, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, पाली जैसे जिलों में अपने उम्मीदवार तैयार हो चुके हैं और जल्द ही इनको पार्टी टारगेट दे देगी।

आपको यह भी बता दें कि महज 2 या 3 महीने बाद राजस्थान के नगर निगम और नगर परिषद के अलावा नगर पालिकाओं के चुनाव होने जा रहे हैं।

इसके बाद अगले साल जनवरी-फरवरी में राजस्थान में पंचायत चुनाव होंगे। उन चुनाव में भी राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी को बड़ी बढ़त हासिल करने की उम्मीद है।

आपको यह भी बता दें कि राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी का वोट बैंक जहां पर जाट, राजपूत, दलित, अल्पसंख्यक हैं, वहीं बहुजन समाजवादी पार्टी अल्पसंख्यकों और दलितों के दम पर आधे राजस्थान में उम्मीदवार उतारने की तैयारी कर रही है।

यदि इन दोनों ही दलों को भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने हल्के में लिया तो स्थानीय निकायों के चुनाव में भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

बता दें कि भाजपा जहां सदस्य अभियान चला रही है, वहीं हनुमान बेनीवाल की राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी चुपके चुपके सदस्यता अभियान चलाने में लगी हुई है।

ऐसे में ग्रामीण इलाकों और कस्बों में इस पार्टी का बड़ा वोट बैंक के तैयार हो चुका है।

यदि बीजेपी और कांग्रेस समय पर नहीं संभले तो राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी खासतौर से पश्चिमी राजस्थान में बड़े पैमाने पर उभर कर सामने आ सकती है।